Homeभारतछतीसगढ़ग्राम पंचायत दीवान झिटिया में सोलर प्लांट का विरोध तेज

ग्राम पंचायत दीवान झिटिया में सोलर प्लांट का विरोध तेज

ग्रामीणों ने सरपंच-सचिव को बर्खास्त करने की मांग, कलेक्ट्रेट पहुंच सौंपा ज्ञापन

राजनांदगांव । जिले के डोंगरगांव विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत दीवान झिटिया में प्रस्तावित सोलर प्लांट को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिला। मंगलवार को गांव के सैकड़ों ग्रामीण कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे और कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपते हुए सरपंच और सचिव को तत्काल बर्खास्त करने की मांग की। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत प्रतिनिधियों ने बिना ग्राम सभा और ग्रामीणों की सहमति के निजी कंपनी को एनओसी जारी कर दी, जिससे गांव की कृषि भूमि, पर्यावरण और लोगों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है।

ग्राम सभा के बिना दी गई एनओसी, ग्रामीणों में नाराजगी ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ग्राम पंचायत दीवान झिटिया में एसआरवी सोलर कंपनी के नाम से पंचों और ग्रामीणों को बिना जानकारी दिए एनओसी जारी कर दी गई। गांव के लोगों का कहना है कि इस पूरे मामले में न तो ग्राम सभा आयोजित की गई और न ही गांव के मुखिया एवं पंचों से राय ली गई। पंचायत के इस रवैये से ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि सोलर प्लांट निर्माण के लिए हजारों पेड़ों की कटाई कर दी गई है जिससे पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंचा है। पहले से ही भीषण गर्मी और लू की मार झेल रहे राजनांदगांव जिले में पेड़ों की कटाई ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है। ग्रामीणों ने कहा कि विकास के नाम पर विनाश स्वीकार नहीं किया जाएगा। ग्रामीणों ने बताया कि प्रस्तावित सोलर प्लांट गांव के स्कूल से मात्र 20 से 30 मीटर की दूरी पर बनाया जा रहा है, जबकि करीब 100 मीटर की दूरी पर गांव की आबादी बसी हुई है। इससे बच्चों की सुरक्षा और ग्रामीणों के स्वास्थ्य को खतरा हो सकता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।ग्रामीणों ने कहा कि सोलर प्लांट लगाने के लिए बंजर भूमि का उपयोग किया जाना चाहिए लेकिन यहां उपजाऊ कृषि भूमि पर औद्योगिक परियोजना स्थापित की जा रही है।

इससे किसानों की आजीविका प्रभावित होगी और खेती योग्य जमीन कम होती जाएगी। ग्रामीणों ने सरपंच और सचिव पर मनमानी तथा गांव के हितों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए उन्हें तत्काल पद से हटाने की मांग की। ज्ञापन सौंपने के बाद कलेक्टर ने ग्रामीणों को पांच दिवस के भीतर जांच कर उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। ज्ञापन सौंपने के दौरान कुशल सिंह राजपूत, कोमल साहू, मनीष साहू, त्रिलोचन साहू, डोनेंद्र साहू, उमेश साहू, रामेश्वर निषाद (पंच), सुरेखा साहू (पंच), पिंकी साहू (पंच), गिरधर यादव (पंच), हिमांचल साहू, रुमलाल साहू, धीरज साहू, लक्ष्मीनारायण सिन्हा, लोकेश सिन्हा, हीरा निषाद, रूपेश, शिवम सेन, करण सेन, रघुनाथ साहू, लोकेश साहू, शुभम साहू सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

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