ईसुदान गढ़वी का भाजपा पर तीखा प्रहार— “इतना डर क्यों?”; भाजपा ने पल्ला झाड़ा, कहा- ‘यह तकनीकी मामला, हमारा कोई लेना-देना नहीं’।
अहमदाबाद: स्थानीय स्वराज्य चुनाव की गहमागहमी के बीच गुजरात की राजनीति अब डिजिटल के मैदान से निकलकर विवादों के भंवर में फंस गई है। गुजरात आम आदमी पार्टी (AAP) के आधिकारिक फेसबुक और इंस्टाग्राम अकाउंट अचानक सस्पेंड कर दिए गए हैं। चुनाव से ऐन पहले हुई इस कार्रवाई ने सोशल मीडिया पर एक नई जंग छेड़ दी है।
ईसुदान गढ़वी का बड़ा आरोप
इस पूरे मामले पर आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष ईसुदान गढ़वी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर मोर्चा खोल दिया है। गढ़वी ने एक वीडियो रीपोस्ट करते हुए सीधे सत्ताधारी दल पर निशाना साधा। उन्होंने सवाल उठाते हुए लिखा:
“आखिर ऐसा क्यों हो रहा है? भाजपा इतनी डरी हुई क्यों है कि उसे हमारे सोशल मीडिया अकाउंट्स बंद करवाने पड़ रहे हैं?”
‘आप’ नेताओं का आरोप है कि उनकी बढ़ती लोकप्रियता से घबराकर सत्ता के दबाव में उनकी आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है।
भाजपा की सफाई: ‘हमारा कोई हाथ नहीं’
दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। भाजपा प्रवक्ताओं का कहना है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के अपने नियम और गाइडलाइन्स होती हैं। अगर किसी अकाउंट ने नियमों का उल्लंघन किया है, तो प्लेटफॉर्म उस पर कार्रवाई करता है। इसमें भाजपा की कोई भूमिका नहीं है। भाजपा ने इसे ‘आप’ का विक्टिम कार्ड खेलने का पुराना तरीका बताया है।
सस्पेंशन के पीछे क्या हो सकती है वजह?
तकनीकी विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया अकाउंट्स सस्पेंड होने के कई कारण हो सकते हैं:
चुनावी माहौल में ‘आप’ के डिजिटल विंग का इस तरह ठप होना पार्टी के प्रचार अभियान के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। विपक्षी खेमे में चर्चा है कि यह कार्रवाई अभिव्यक्ति की आजादी पर प्रहार है, जबकि सत्ता पक्ष इसे केवल एक तकनीकी प्रक्रिया बता रहा है।
जनता की राय
क्या वाकई चुनावों को प्रभावित करने के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल हथियार के तौर पर किया जा रहा है? महानगर मेट्रो इस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है।

