आत्महत्या से पहले लिखी सुसाइड नोट में छलका दर्द; पुलिस बेड़े और परिवार में शोक की लहर।
अहमदाबाद : शहर के पुलिस महकमे से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। अहमदाबाद में तैनात एक पुलिस कांस्टेबल की पत्नी ने जीवन से हार मानकर मौत को गले लगा लिया। आत्महत्या जैसा आत्मघाती कदम उठाने से पहले महिला ने एक सुसाइड नोट छोड़ा है, जिसकी चंद पंक्तियों ने पढ़ने वालों की रूह कंपा दी है। महिला ने नोट में अपने पति के प्रति अगाध प्रेम और उनकी पीड़ा न देख पाने की बेबसी व्यक्त की है।
“मैं पागल हो गई हूं…”
पुलिस को घटनास्थल से जो सुसाइड नोट बरामद हुआ है, वह महिला की मानसिक स्थिति और भावनात्मक संघर्ष को बयां करता है। नोट में महिला ने भावुक होते हुए लिखा:
“मैं उनका (पति का) दुख अब और नहीं देख पा रही हूं। मुझे लगता है कि मैं पागल हो गई हूं।”
इन शब्दों से साफ झलकता है कि महिला पिछले कुछ समय से किसी गहरे मानसिक तनाव या पारिवारिक परिस्थितियों से जूझ रही थी। पति के प्रति सहानुभूति
और खुद की लाचारी उसे इस घातक फैसले तक ले गई।
पुलिस जांच और कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस ने सुसाइड नोट को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
क्या पति किसी गंभीर बीमारी या विभागीय तनाव में थे?
क्या महिला को कोई मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्या थी?
क्या इस दुःख के पीछे कोई अन्य बाहरी कारण था?
पुलिस इन सभी पहलुओं पर परिवार के सदस्यों और पड़ोसियों से पूछताछ कर रही है।
मानसिक स्वास्थ्य पर सवाल
यह घटना एक बार फिर इस ओर इशारा करती है कि हमारे समाज में और विशेषकर पुलिस जैसे तनावपूर्ण पेशे से जुड़े परिवारों में ‘मानसिक स्वास्थ्य’ (Mental Health) पर ध्यान देना कितना अनिवार्य है। अक्सर बेबसी और अवसाद (Depression) व्यक्ति को ऐसे मोड़ पर ले आते हैं जहाँ उसे मौत ही एकमात्र रास्ता नजर आती है।

