भ्रष्टाचार के मामले में नया मोड़; निचली अदालत से दोषी करार अधिकारी को मिली जमानत, दलीलों ने सबको चौंकाया।
नई दिल्ली/अहमदाबाद : भ्रष्टाचार के मामलों में अक्सर गवाह मुकर जाते हैं या सबूत मिटा दिए जाते हैं, लेकिन क्या आपने कभी सुना है कि रिश्वत के सबूतों को ‘चूहे’ चट कर गए? एक ऐसे ही अजीबोगरीब और चर्चित मामले में देश की सर्वोच्च अदालत (सुप्रीम कोर्ट) ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने रिश्वत लेने के मामले में दोषी पाई गई एक महिला अधिकारी को जमानत दे दी है और उनकी सजा पर फिलहाल रोक लगा दी है।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला एक महिला सरकारी अधिकारी से जुड़ा है, जिसे भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ने का दावा किया था। निचली अदालत और बाद में हाई कोर्ट ने अधिकारी को दोषी मानते हुए सजा सुनाई थी। लेकिन जब यह मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, तो दलीलों और तथ्यों के बीच एक हैरान करने वाला तर्क सामने आया।
चूहे और गायब हुए सबूत!
मामले की सुनवाई के दौरान यह तथ्य चर्चा का केंद्र रहा कि जो नकदी (रिश्वत की रकम) सबूत के तौर पर पुलिस मालखाने में रखी गई थी, उसे लेकर यह दावा किया गया कि ‘चूहे’ उन नोटों को खा गए या नष्ट कर दिया।सिस्टम पर सवालिया निशान?
यह फैसला न केवल कानूनी हलकों में चर्चा का विषय है, बल्कि यह मालखानों की सुरक्षा और जांच एजेंसियों की लापरवाही पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। अगर रिश्वत की रकम ‘चूहे’ खा सकते हैं, तो फिर भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई कैसे जीती जाएगी?

