मामला डोंगरगांव ब्लॉक के कोपेडीह का : विशेष संवाददाता राजनंदगांव
कहते हैं जिनके घर शीशे के होते हैं और उन्हें दूसरों पर पत्थर नहीं मारने चाहिए और कहा यह भी जाता है कि जो खुद चोर रहता है वह दूसरे के ऊपर चोरी का आरोप नहीं लग सकता या दोनों ही कहावत राजनांदगांव से महज 13 किलोमीटर की दूरी पर स्थित तुमडीबोड चौकी के अंतर्गत आने वाले गांव जी ई रोड गांव कोपेडीह का है
जहां पर गांव के कुछ दलाल टाइप लोगों ने एक व्यक्ति से अतिक्रमण के नाम पर अवैध उगाही की डिमांड की जब डिमांड पूरी नहीं हुई तब उसका सामाजिक बहिष्कार कर दिया गया इतना ही नहीं जब मीडिया वालों ने उनसे सवाल पूछने चाहे तब अपने आप को राजा हरिश्चंद्र का औलाद बताने लगे और कहां गया कि उन्होंने उस व्यक्ति का सामाजिक बहिष्कार नहीं किया है उदाहरण दे रहे थे उनका सामाजिक बहिष्कार नहीं किया गया वह मीटिंग में नहीं आता अरे भाई जब उसने कोई गलती नहीं किया तो मीटिंग में क्यों आए उनकी जगह है थोड़ा सा उसने कब्जा कर लिया उसमें कौन से बड़ी बात है लेकिन मजेदार बात यह है जिसे जिस सामाजिकता की दुहाई दे रहे वह लोग जिसमें तीन लोगों का जबरदस्त उदाहरण सामने आया है
पहले नेता टाइप गांव में बैठक का संचालन करता है वह भी अतिक्रमणकारी है जो खुद गांव में 2 साल तक लगातार अपने पुत्र से दारू बेचवा चुका है और दुसरा एक तो चोरी ऊपर से सीना जोरी वाला सियान है जिसका बाप जी रोड में 10 साल तक पान ठेले का संचालन करता रहा उसका पुत्र अभी उसी जगह पर अवैध अतिक्रमण कर चॉइस सेंटर के नाम की दुकान खोला हुआ है और तीसरा वह जिनके कैरेक्टर ऊपर दाग लग चुका है दरअसल इन स्वयंभू गांव के प्रमुख बनने वाले लोगों के ऊपर अब बड़ी कार्रवाई होने के संकेत मिले हैं असल में सामाजिक बहिष्कार का शिकार हुए शख्स ने कलेक्टर और एसपी को लिखित शिकायत दिया है सामाजिक बहिष्कृत विरोधी कानून छत्तीसगढ़ में लागू है जिसके तहत आप किसी को सामाजिक बहिष्कार नहीं कर सकते इसमें सामाजिक बहिष्कार करने वाले व्यक्ति को जेल की हवा की सजा खानी पड़ सकती है यही कारण है कि यह तथाकथित सियानी करने वाले लोग अब छटपटा रहे हैं

