महानगर मेट्रो विशेष रिपोर्ट: अहमदाबाद
अहमदाबाद। शहर के बाहरी इलाके में साबरमती नदी के तट (साबरमती पट) से एक अज्ञात व्यक्ति का अधजला शव मिलने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। सोमवार सुबह जब स्थानीय लोग नदी किनारे से गुजर रहे थे, तब उनकी नजर धुएं और झुलसी हुई लाश पर पड़ी, जिसके बाद तुरंत पुलिस को सूचित किया गया। प्रथम दृष्टया यह मामला जघन्य हत्या का प्रतीत हो रहा है, जिसमें पहचान मिटाने के उद्देश्य से शव को जलाने का प्रयास किया गया है।
पहचान मिटाने की क्रूर साजिश
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और एफएसएल (FSL) की टीम मौके पर पहुंच गई। पुलिस के अनुसार, शव इतनी बुरी तरह जल चुका है कि उसकी उम्र या पहचान कर पाना फिलहाल मुश्किल है। हत्यारे ने साबरमती के इस सुनसान इलाके को इसलिए चुना ताकि किसी की नजर न पड़े। पुलिस को आशंका है कि मृतक की हत्या कहीं और की गई है और साबरमती के रेतीले पट में लाकर साक्ष्य मिटाने के लिए उसे पेट्रोल या किसी ज्वलनशील पदार्थ से जला दिया गया।
पुलिस जांच और सीसीटीवी खंगालने की कवायद
अहमदाबाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भेज दिया है। जांच अधिकारी ने बताया, “हमने आसपास के इलाकों की गुमशुदगी की रिपोर्ट चेक करना शुरू कर दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही मौत के सही समय और हत्या के तरीके का पता चल सकेगा।” साबरमती नदी की ओर आने-जाने वाले सभी मुख्य रास्तों और टोल नाकों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि संदिग्ध वाहनों की पहचान की जा सके।
साबरमती पट बना अपराधियों का अड्डा?
नदी का यह किनारा रात के समय काफी सुनसान रहता है, जिसका फायदा अक्सर अपराधी उठाते हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि पुलिस गश्त कम होने के कारण इस इलाके में असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है। इस घटना ने एक बार फिर शहर की बाहरी सीमाओं पर सुरक्षा व्यवस्था पर
सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।
महानगर मेट्रो का सवाल: क्या शहर के किनारे अपराधियों के लिए सुरक्षित ठिकाने बनते जा रहे हैं? पुलिस प्रशासन को इस दिशा में कड़े कदम उठाने की जरूरत है ताकि अहमदाबाद की शांति भंग न हो।
महानगर मेट्रो न्यूज़ डेस्क

