आस्था की आड़ में अघोरी खेल: 1500 करोड़ की संपत्ति, 8 FIR और 100 से ज्यादा आपत्तिजनक वीडियो… SIT की जांच में रोंगटे खड़े कर देने वाले खुलासे
नासिक / अहमदाबाद : कहते हैं कि जब श्रद्धा अंधी हो जाती है, तो वह विनाश को निमंत्रण देती है। महाराष्ट्र के नासिक में एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। मर्चेंट नेवी में 22 साल की नौकरी करने वाला और खुद को ‘दिव्य दृष्टा’ बताने वाला 67 वर्षीय अशोक खरात (Ashok Kharat) उर्फ ‘कैप्टन’ आज सलाखों के पीछे है। इस ‘ढोंगी बाबा’ ने आस्था के नाम पर जो घिनौना खेल खेला है, उसे सुनकर किसी की भी रूह कांप जाएगी।
PCO चलाने वाला शख्स कैसे बना ‘दिव्य ज्योतिषी’?
तीन दशक पहले नासिक में एक छोटे से कमरे में STD-PCO चलाने वाले अशोक खरात ने धीरे-धीरे जमीन-मकान का कारोबार शुरू किया। अंकशास्त्र और ज्योतिष का अभ्यास कर वह मुफ्त सलाह देने लगा। शुरुआत में भविष्यवाणियां सही होने पर लोगों का विश्वास बढ़ा और देखते ही देखते उसने ‘ईशान्येश्वर महादेव मंदिर’ और ‘शिवनिका संस्थान ट्रस्ट’ खड़ा कर दिया। वह अपनी वेबसाइट पर नेवी के अनुभव और 154 देशों की यात्रा का झांसा देकर लोगों को जाल में फंसाता था।
डर का साम्राज्य और ‘विशेष पूजा’ के नाम पर खुली लूट
जांच में सामने आया है कि अशोक खरात भक्तों को मनोवैज्ञानिक रूप से डराने में माहिर था:
- खौफ का धंधा: प्लास्टिक के सांप और बाघ की खाल जैसे प्रोप्स का इस्तेमाल कर वह मंदिर में डरावना माहौल बनाता था।
- मर्सिडीज की वसूली: पुणे के एक बिल्डर को मौत का डर दिखाकर 5 करोड़ रुपये ठग लिए और जबरन मर्सिडीज कार भी खरीदवाई।
- अंधविश्वास की पराकाष्ठा: ‘पारस’ शक्ति पाने के लिए 21 देशों की मिट्टी में पूजा करने के नाम पर बिल्डर के खर्च पर विदेश यात्राएं कीं।
महिलाओं के साथ दरिंदगी: ‘प्रसाद’ में ड्रग्स देकर करता था दुष्कर्म
सबसे भयानक खुलासा महिला श्रद्धालुओं के शोषण को लेकर हुआ है।
- ब्लैकमेलिंग का जाल: वशीकरण और पूजा के बहाने वह महिलाओं को नशीला पेय पिलाकर उनके साथ दुष्कर्म करता था।
- खुफिया कैमरे: कमरों में छिपे हुए कैमरे लगाकर वह वीडियो रिकॉर्ड करता था और फिर ब्लैकमेल करता था। पुलिस को जांच में 58 से 100 आपत्तिजनक वीडियो मिले हैं।
1500 करोड़ का साम्राज्य और हथियारों का जखीरा
SIT की जांच के मुताबिक, इस पाखंडी की संपत्ति का आंकड़ा 200 करोड़ से लेकर 1500 करोड़ तक हो सकता है। उसके घर से रिवॉल्वर, जिंदा कारतूस और भारी नकदी बरामद हुई है। 18 मार्च को एक पीड़िता की शिकायत के बाद उसकी गिरफ्तारी हुई और अब तक उसके खिलाफ 8 FIR दर्ज हो चुकी हैं। आशंका यह भी है कि इस शख्स ने अघोरी पूजा के नाम पर नरबलि भी दी हो सकती है।
सावधान रहने की जरूरत
यह मामला साबित करता है कि चमत्कार के नाम पर भय दिखाने वाले लोग कभी आपके शुभचिंतक नहीं हो सकते। ‘महानगर मेट्रो’ जनता से अपील करता है कि अंधविश्वास में आकर ऐसे धोखेबाजों की शरण में न जाएं।
ब्यूरो रिपोर्ट: महानगर मेट्रो

