खास रिपोर्ट
ठाणे : महानगर मेट्रो की एक विशेष और विस्तृत पड़ताल में वर्तक नगर पुलिस स्टेशन की सीमा के भीतर चल रहे एक कथित संगठित अपराध सिंडिकेट का पर्दाफाश हुआ है। हमारी रिपोर्ट बताती है कि इस इलाके में कानून का शासन कमजोर पड़ता दिख रहा है और कथित तौर पर ‘हफ्ता वसूली’ और अवैध गतिविधियों का बोलबाला है।
सरकारी इमारत बना अपराध का अड्डा: जिला उद्योग केंद्र का सच
सबसे चौंकाने वाला खुलासा जिला उद्योग केंद्र की इमारत को लेकर हुआ है। जो इमारत औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन के लिए बनी थी, सूत्रों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आज वह एमडी ड्रग्स, अवैध जुए और अनैतिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बन चुकी है। यह एक गंभीर सवाल खड़ा करता है कि सरकारी संपत्ति का उपयोग इतने बड़े पैमाने पर अवैध कार्यों के लिए कैसे हो रहा है?
गुजरात कनेक्शन और वित्तीय सांठगांठ
हमारी जांच इस काले साम्राज्य के पीछे एक सुव्यवस्थित नेटवर्क की ओर इशारा करती है। सूत्रों का दावा है कि इस सिंडिकेट के वित्तीय मामलों का प्रबंधन एक कथित ‘क्लब मैनेजर’, गोपाल शर्मा द्वारा किया जा रहा है, जो करोड़ों रुपये के लेन-देन का मास्टरमाइंड बताया जाता है।
इस नेटवर्क के तार गुजरात से भी जुड़े होने की खबर है। रिपोर्ट के अनुसार, वलसाड और राजकोट जैसे शहरों के बड़े कथित बुकीज ने यहाँ अपना डेरा डाल रखा है। स्थानीय सहयोगियों के साथ मिलकर, यह सिंडिकेट कथित तौर पर ठाणे के युवाओं और सरकारी राजस्व दोनों को नुकसान पहुँचा रहा है।
पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल: रक्षक या मौन दर्शक?
इस पूरे मामले में स्थानीय पुलिस, विशेषकर वर्तक नगर पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका सवालों के घेरे में है। सूत्रों का दावा है कि ठाणे पुलिस कमिश्नर के कड़े आदेशों के बावजूद, इलाके में अवैध गतिविधियों पर कोई रोक नहीं है।
- उपवन पतसर के पीछे पहाड़ियों में कथित अवैध खनन जारी है, लेकिन पुलिस की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं दिखी है।
- इलाके के कई बार, जैसे कि कथित तौर पर गोपाल आश्रम, पांचाली और इंडियन स्वाद, सुबह 5 बजे तक खुले रहते हैं, जो नियमों का खुला उल्लंघन है।
- इन स्थानों पर गांजा, हुक्का और खतरनाक MD ड्रग्स की कथित तौर पर खुलेआम सप्लाई हो रही है।
ये तथ्य सवाल उठाते हैं कि क्या पुलिस प्रशासन इन गतिविधियों से अनजान है, या फिर कथित ‘महीने की मलाई’ और सांठगांठ ने उनकी आंखों पर पट्टी बांध दी है?
सत्ता की धौंस और जुए का मायाजाल
इलाके में कथित तौर पर राजनीतिक रसूख रखने वाले कुछ व्यक्तियों द्वारा संचालित जुए के अड्डों का भी पता चला है। ‘घोड़ी’ नामक जुए के खेल में हर रात मध्यमवर्गीय परिवारों की गाढ़ी कमाई लुटने की खबरें हैं। यह न केवल आर्थिक शोषण है, बल्कि सामाजिक ताने-बाने के लिए भी एक बड़ा खतरा है।
महानगर मेट्रो का सीधा प्रहार और मांग:
यह रिपोर्ट केवल एक खबर नहीं, बल्कि सोए हुए प्रशासन के लिए एक ‘अलार्म’ है। जिला उद्योग केंद्र जैसी सरकारी इमारत में चल रहा जुर्म का यह कारखाना तुरंत बंद होना चाहिए। महानगर मेट्रो मांग करता है कि:
- इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कराई जाए।
- सरकारी इमारत का उपयोग अवैध गतिविधियों के लिए करने वालों और उन्हें संरक्षण देने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
- इलाके में ड्रग्स और जुए के रैकेट को पूरी तरह से ध्वस्त किया जाए।
अगर प्रशासन तुरंत कार्रवाई नहीं करता, तो यह साफ हो जाएगा कि ठाणे में कानून का राज नहीं, बल्कि अपराधियों और उनके कथित संरक्षकों का ‘समानांतर शासन’ चल रहा है।
ब्यूरो रिपोर्ट, महानगर मेट्रो
पवन माकन (संस्थापक एवं समूह संपादक, धानी मीडिया)

