डहाणू : इलाके में अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र की आड़ में एक बेहद खौफनाक और इंसानियत को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक 13 साल की मासूम बच्ची को ‘अघोरी पूजा’ और इलाज का झांसा देकर उसके साथ दुष्कर्म की घिनौनी वारदात को अंजाम दिया गया है। इस घटना के सामने आने के बाद से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है और लोगों में भारी आक्रोश है।
बीमारी ठीक करने का दिया था झांसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 13 वर्षीय नाबालिग पीड़िता पिछले कुछ समय से मासिक धर्म (पीरियड्स) से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं से परेशान थी। इसी परेशानी के चलते वह 30 अप्रैल को डहाणू के रहने वाले शिवराम पराश सावर नामक शख्स के संपर्क में आई। आरोपी शिवराम ने मासूम बच्ची और उसके परिजनों को यह भरोसा दिलाया कि वह अपनी खास जड़ी-बूटियों (दवा) और तांत्रिक क्रियाओं से उसकी यह बीमारी पूरी तरह जड़ से खत्म कर देगा।
आधी रात को श्मशान घाट में रची खौफनाक साजिश
अंधविश्वास के इस खौफनाक खेल का असली चेहरा 4 मई की आधी रात को सामने आया। आरोपी ने अपनी साजिश के तहत नाबालिग पीड़िता को डहाणू के कासा के पास चारी पवन इलाके में स्थित श्मशान घाट पर बुलाया। जब पीड़िता वहां पहुंची, तो उसके साथ आए लोगों को चालाकी से गाड़ी में ही बाहर रोक दिया गया।
इसके बाद आरोपी तांत्रिक नाबालिग को अकेले श्मशान घाट से लगे जंगल वाले सुनसान इलाके में ले गया। वहां उसने अघोरी पूजा और इलाज के नाम पर डरा-धमका कर इस खौफनाक जुर्म को अंजाम दिया।
जान से मारने की दी धमकी, खौफ में थी पीड़िता
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी शिवराम ने मासूम बच्ची को धमकाया कि यदि उसने इस घटना के बारे में किसी को भी बताया, तो वह उसे जान से मार देगा। इस खौफनाक वारदात और आरोपी की धमकियों के कारण नाबालिग पूरी तरह सहम गई और काफी समय तक डर के मारे खामोश रही।
इलाके में भारी उबाल, पुलिस ने शुरू की कार्रवाई
जैसे ही इस घिनौनी वारदात का सच स्थानीय लोगों और परिजनों के सामने आया, तो पूरे इलाके में गुस्से की लहर दौड़ गई। लोग अंधविश्वास के नाम पर मासूमों की जिंदगी बर्बाद करने वाले ऐसे पाखंडियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और पूरे घटनाक्रम की गहनता से जांच की जा रही है। इलाके के लोगों की मांग है कि ऐसे अपराधियों को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजकर कड़ी से कड़ी सजा दी जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर लगाम लग सके।

