महानगर मेट्रो एक्सक्लूसिव:
क्या ठाणे पुलिस कमिश्नरेट के नियम अब ‘पीआई माने’ की मर्जी से तय होंगे? वर्तक नगर पुलिस स्टेशन की सीमा में कानून का राज नहीं, बल्कि हफ्ता राज का नंगा नाच चल रहा है। जिला उद्योग केंद्र जैसी सरकारी इमारत, जो विकास के लिए बनी थी, आज एमडी ड्रग्स, अवैध जुआ और अय्याशी का सबसे बड़ा अड्डा बन चुकी है।
■ ‘गोपाल शर्मा’ का कैश कनेक्शन और गुजरात का सिंडिकेट
खबर की तह तक जाने पर पता चला है कि इस काले साम्राज्य का असली ‘फाइनेंस मिनिस्टर’ गोपाल शर्मा है। क्लब मैनेजर के भेष में बैठा यह शख्स करोड़ों के लेन-देन का मास्टरमाइंड है।
- भूरिया (वलसाड) और रफ़ा (राजकोट) जैसे गुजरात के बड़े बुकीज ने यहाँ अपना डेरा डाल रखा है।
- स्थानीय गुर्गों जीतू जलगांव, शेखर वडाला, महेश भोंसले और केपी के साथ मिलकर इन्होंने एक ऐसा चक्रव्यूह रचा है, जिसमें ठाणे का युवा और सरकारी राजस्व दोनों दम तोड़ रहे हैं।
■ पीआई माने: रक्षक या भक्षक?
सूत्रों का दावा है कि पीआई माने ने ठाणे पुलिस कमिश्नर के आदेशों को रद्दी की टोकरी में डाल दिया है। उपवन पतसर के पीछे पहाड़ियों का सीना छलनी कर अवैध खनन हो रहा है, लेकिन पुलिस की गाड़ी वहां फटकती तक नहीं। - गोपाल आश्रम, पांचाली और इंडियन स्वाद जैसे बार सुबह 5 बजे तक ‘मधुशाला’ बने रहते हैं।
- यहाँ गांजा, हुक्का और खतरनाक MD ड्रग्स की सप्लाई खुलेआम होती है। क्या पीआई माने को ये सब नहीं दिखता, या फिर ‘महीने की मलाई’ ने उनकी आंखों पर पट्टी बांध दी है?
■ सत्ता का ‘राइट हैंड’ और जुए का ‘घोड़ा’
सत्ता की धौंस दिखाने वाला राजा ठाकुर का कथित राइट हैंड जीतू जलगांव और उसके साथी नितिन लांडे व मौली ने इलाके को जुआरियों का स्वर्ग बना दिया है। ‘घोड़ी’ नामक जुए में हर रात मध्यमवर्गीय परिवारों की गाढ़ी कमाई लुट रही है।
महानगर मेट्रो का सीधा प्रहार:
यह रिपोर्ट केवल एक खबर नहीं, बल्कि सोए हुए प्रशासन के लिए ‘अलार्म’ है। अगर जिला उद्योग केंद्र की बिल्डिंग में जुर्म का ये कारखाना बंद नहीं हुआ, तो यह साफ हो जाएगा कि ठाणे में खाकी अब वर्दी की नहीं, बल्कि ‘वर्दी के पीछे छिपे दलालों’ की गुलामी कर रही है

