महानगर मेट्रो : मानवता की पुकार : आपकी एक छोटी सी मदद ध्रीशिव के परिवार के लिए बनेगी उम्मीद की किरण; आइए, मानवता का धर्म निभाकर एक मासूम को नया जीवन दें।
अहमदाबाद | ब्यूरो रिपोर्ट : कहते हैं कि इंसानियत से बड़ा कोई धर्म नहीं होता और जब बात एक मासूम की जान बचाने की हो, तो पूरा समाज एक परिवार बन जाता है। आज ‘महानगर मेट्रो’ एक ऐसे ही मासूम बच्चे ध्रीशिव (Dhrishiv) के लिए आपसे मदद की गुहार लगा रहा है, जिसकी ज़िंदगी इस वक्त वक्त की दहलीज़ पर संघर्ष कर रही है। यह महज एक समाचार नहीं है, बल्कि एक लाचार माता-पिता की करुण पुकार और एक नन्हे फरिश्ते की जीने की ज़िद की कहानी है।
आपकी छोटी सी मदद, ध्रीशिव के लिए बड़ा बदलाव
ध्रीशिव के माता-पिता आज अपने कलेजे के टुकड़े के स्वास्थ्य के लिए दिन-रात एक कर रहे हैं। जिस उम्र में बच्चे के हाथों में खिलौने होने चाहिए, उस उम्र में यह मासूम अस्पताल के बिस्तर पर ज़िंदगी की जंग लड़ रहा है। इलाज का खर्च इतना बड़ा है कि परिवार आर्थिक और मानसिक रूप से टूट चुका है, लेकिन उन्हें उम्मीद है ‘आप’ पर और आपकी संवेदनशीलता पर।
याद रखें : आपका 10, 20 या 100 रुपये का छोटा सा अंशदान भी जब लाखों हाथों से मिलेगा, तो वह ध्रीशिव के लिए ‘जीवन का अमृत’ बन जाएगा।
परिवार से संपर्क करें और मदद का हाथ बढ़ाएं
ध्रीशिव के माता-पिता आपकी आर्थिक सहायता और प्रार्थनाओं की प्रतीक्षा कर रहे हैं। आप नीचे दिए गए नंबरों पर सीधे संपर्क कर आर्थिक मदद भेज सकते हैं या इस खबर को अधिक से अधिक शेयर करके जागरूकता फैला सकते हैं:
पिता का संपर्क: 8511444415
माता का संपर्क: 8511222200
महानगर मेट्रो की प्रार्थना
हम ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि ध्रीशिव जल्द ही पूरी तरह स्वस्थ हो जाए और उसके माता-पिता के चेहरे पर फिर से वही मुस्कान लौटे। मुसीबत की इस घड़ी में हम सभी को मिलकर इस परिवार का संबल बनना चाहिए। याद रखिए, ‘बूंद-बूंद से सागर भरता है’—आपका एक छोटा सा कदम ध्रीशिव को नया जीवन दान दे सकता है।
“सेवा ही परमो धर्म है” — आज इस सूत्र को सच कर दिखाने का समय है।

