खेड़ा जिले में आसमानी आफत ने पानी भर दिया है, पवित्र तीर्थस्थल माई मंदिर पानी में डूब गया है, जिससे दूर-दूर से आने वाले भक्तों को भारी मुश्किल हो रही है!
नाडियाड / खेड़ा : मध्य गुजरात में मेघराज ने अपना रौद्र रूप धारण कर लिया है, जिससे खेड़ा जिले के हेडक्वार्टर नाडियाड शहर में हर तरफ पानी भर गया है। भारी बारिश की वजह से नाडियाड के निचले इलाके और मुख्य सड़कें पानी में डूब गई हैं। इस पानी के संकट का सीधा असर अब दुनिया भर में मशहूर माई मंदिर पर भी देखने को मिला है, जो नाडियाड की आस्था का प्रतीक है।
लगातार और मूसलाधार बारिश की वजह से माई मंदिर का बड़ा परिसर पानी में भर गया है, जिससे ऐसा नजारा बन गया है जैसे मंदिर परिसर झील में बदल गया हो।
धार्मिक जगह पर पानी भरे होने से भक्त फंसे
नडियाद का माई मंदिर न सिर्फ गुजरात में बल्कि देश-विदेश से भी लाखों भक्तों के लिए आस्था की किरण है। यहां हर दिन हजारों भक्त माई के दर्शन के लिए आते हैं। लेकिन परिसर में पानी भरने की वजह से:
भक्त परेशान: मंदिर आने वाले भक्तों को घुटनों तक पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है।
मंदिर प्रशासन और स्थानीय प्रशासन हरकत में: परिसर से पानी जल्दी निकालने के लिए ड्रेनेज और पंपिंग सिस्टम से काम किया गया है।
नडियाद शहर में ट्रैफिक और पानी भरने की वजह से: मंदिर के आसपास आने-जाने के रास्ते भी पानी भरने की वजह से धीमे हो गए हैं।
‘महानगर मेट्रो ‘ एनालिसिस: क्या प्री-मॉनसून काम सामने आया है?
जब नडियाद जैसे अहम शहर में, खासकर दुनिया भर में मशहूर तीर्थ स्थलों के आसपास पानी भरने की स्थिति बनती है, तो यह स्थानीय नगर पालिका और प्रशासन के प्री-मॉनसून काम पर गंभीर सवाल खड़े करता है। अगर हर साल लाखों-करोड़ों रुपये खर्च होने वाली ड्रेनेज लाइनों की सफाई, मानसून की शुरुआत में ही फेल हो गई, तो आम नागरिक और भक्त कहां जाएंगे? भक्तों की सुरक्षा और सुविधा के लिए, अधिकारियों के लिए मंदिर के आसपास के पानी को तुरंत निकालना बहुत ज़रूरी हो गया है।

