Health Tips: पनीर भारतीय भोजन का महत्वपूर्ण हिस्सा है, लेकिन कुछ लोगों के लिए इसका सेवन परेशानी का कारण बन सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, पनीर में प्रोटीन, कैल्शियम और अन्य पोषक तत्व प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, किंतु सभी के लिए इसका सेवन सुरक्षित नहीं है।
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पनीर का अत्यधिक सेवन कई स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकता है। विशेष रूप से जिन व्यक्तियों को लैक्टोज इनटॉलरेंस, किडनी संबंधी रोग या हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या है, उन्हें पनीर का सेवन सावधानीपूर्वक करना चाहिए। चिकित्सकों का कहना है कि ऐसे लोग डॉक्टर की सलाह के बिना पनीर न खाएं।
पोषण विशेषज्ञों के अनुसार, लैक्टोज इनटॉलरेंस से पीड़ित लोगों को पनीर खाने से पेट दर्द, गैस, डायरिया जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। इसके अलावा, किडनी की बीमारी से जूझ रहे मरीजों को भी पनीर से परहेज रखना चाहिए, क्योंकि इसमें प्रोटीन की मात्रा अधिक होती है, जिससे किडनी पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है।
पनीर में फैट और कोलेस्ट्रॉल भी होता है। इसलिए हृदय रोगियों और हाई कोलेस्ट्रॉल के मरीजों को सीमित मात्रा में ही पनीर खाना चाहिए। डॉक्टरों के मुताबिक ज्यादा पनीर खाने से वजन बढ़ सकता है, जिससे अन्य स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।
डायटीशियन ने बताया, “स्वस्थ व्यक्ति भी पनीर का सेवन सीमित मात्रा में ही करें और दिन में 1 बार से अधिक न लें।” साथ ही, पनीर का सेवन हमेशा ताजा और अच्छी तरह से पकाकर ही करना चाहिए, ताकि संक्रमण की संभावना कम हो।
विशेषज्ञों ने यह भी सुझाव दिया है कि बाजार के खुले या बासी पनीर का सेवन न करें। इससे फूड पॉइजनिंग का खतरा बढ़ सकता है। बच्चों, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों को भी पनीर खाने से पहले डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए, ताकि स्वास्थ्य पर कोई विपरीत असर न पड़े।
पोषण विशेषज्ञों ने बताया कि पनीर के स्थान पर अन्य प्रोटीन स्रोत जैसे दालें या अंकुरित अनाज का सेवन भी किया जा सकता है। इससे शरीर को आवश्यक पोषक तत्व मिलते रहेंगे और स्वास्थ्य संबंधी जोखिम भी कम रहेगा।
अंत में, विशेषज्ञों की सलाह है कि पनीर का सेवन अपनी सेहत, उम्र और चिकित्सकीय स्थिति को ध्यान में रखते हुए ही करें। किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

