उत्तरप्रदेश के कानपुर जेल में एक बंदी के साथ कथित मारपीट के मामले को गंभीरता से लेते हुए डीजी जेल ने कार्रवाई की है। प्रारंभिक जांच में जेल प्रशासन की भूमिका सामने आने के बाद डिप्टी जेलर और हेड वार्डर को निलंबित कर दिया गया है।
कानपुर जेल से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जेल में बंद बंदी से मारपीट के मामले में डिप्टी जेलर और हेड वार्डर को निलंबित कर दिया गया। डीजी जेल प्रेमचंद्र मीणा ने दोनों के खिलाफ यह कार्रवाई की है। जेल अधीक्षक राजेश कुमार पांडेय ने बताया कि बंदी सिराज को पिछले महीने प्रशासनिक आधार पर फतेहपुर जिला कारागार से कानपुर जेल भेजा गया था।
आरोप है कि बुधवार को डिप्टी जेलर राजेंद्र कुमार मिश्रा और जेल हेड वार्डर श्याम किशोर तिवारी ने सिराज के साथ गाली गलौच करते हुए उसके साथ मारपीट की थी। घटना को छिपाया गया, जिसकी जानकारी उन्हें अन्य कर्मचारियों से मिली। उन्होंने मामले की जांच कराई।
डिप्टी जेलर-हेड वार्डर निलंबित
जिसमें प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए गए। जेल अधीक्षक ने बताया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर डीजी जेल ने डिप्टी जेलर राजेंद्र कुमार मिश्रा और हेड वार्डर श्याम किशोर त्रिपाठी को निलंबित कर दिया गया। निलंबन के दौरान दोनों कर्मचारियों को विभागीय नियमों के अनुसार मुख्यालय से संबद्ध रखा जाएगा।
विभागीय जांच शुरू
इस मामले में विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। वहीं इस प्रकरण को को शासन ने गंभीरता से लिया है। जिम्मेदारों की तरफ से इस तरह की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जानकारी के मुताबिक इस मामले की एक रिपोर्ट फतेहपुर जेल भी भेजी जाएगी।

