ईडर/साबरकांठा, (जाकिर मेमन)। साबरकांठा जिले के पोशीना तालुका स्थित दंत्राल गांव के पास नदी क्षेत्र में चेकडैम के साइड सशक्तिकरण कार्य की आड़ में बड़े पैमाने पर अवैध रेत खनन और बिक्री किए जाने के गंभीर आरोप सामने आए हैं। स्थानीय ग्रामीणों ने इस पूरे मामले में खनन माफियाओं और खनिज विभाग के कुछ अधिकारियों की कथित मिलीभगत होने का भी आरोप लगाया है। ग्रामीणों के अनुसार, दंत्राल गांव के समीप नदी के ऊपरी हिस्से में पिछले कई दिनों से रात के समय अवैध रूप से रेत का खनन किया जा रहा है। आरोप है कि प्रतिदिन लगभग 40 से 45 ट्रकों में रेत भरकर विभिन्न स्थानों पर भेजी जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि इस अवैध गतिविधि से सरकार को लाखों रुपये के राजस्व और रॉयल्टी का नुकसान हो रहा है, वहीं नदी के प्राकृतिक पर्यावरण और पारिस्थितिकी तंत्र को भी गंभीर क्षति पहुंच रही है।
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि पूरे अवैध कारोबार का संचालन कथित रूप से खनिज विभाग के कुछ भ्रष्ट अधिकारियों और ‘अमरत’ नामक व्यक्ति की सांठगांठ से किया जा रहा है। ग्रामीणों का सवाल है कि जब रातभर भारी संख्या में ट्रकों की आवाजाही हो रही है, तो संबंधित विभाग कार्रवाई क्यों नहीं कर रहा। इस मामले को लेकर क्षेत्र के आदिवासी परिवारों में भी भारी रोष व्याप्त है। उनका कहना है कि यदि कोई गरीब व्यक्ति थोड़ी मात्रा में रेत का परिवहन करता है तो प्रशासन तत्काल कार्रवाई करता है, लेकिन बड़े स्तर पर चल रहे अवैध खनन के खिलाफ चुप्पी साध ली जाती है। ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच करवाकर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही अवैध खनन पर रोक नहीं लगाई गई तो गांव के लोग आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।

