एक तरफ जहां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बंगाल के रण में ऐतिहासिक बढ़त हासिल की है, वहीं विपक्षी खेमे में इन नतीजों को लेकर संदेह के बादल गहराने लगे हैं। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इन नतीजों पर सीधा हमला बोलते हुए भाजपा की जीत की प्रामाणिकता पर सवाल खड़े किए हैं।
“मोदी लहर” पर केजरीवाल का तीखा प्रहार
अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया और प्रेस के माध्यम से अपनी प्रतिक्रिया देते हुए पूछा कि जो भाजपा दिल्ली और पिछले बंगाल चुनावों में ‘मोदी लहर’ के बावजूद नहीं जीत सकी, वह इस बार अचानक इतने बड़े अंतर से कैसे जीत गई?
“जब दिल्ली और बंगाल में जनता ने मोदी लहर को सिरे से नकार दिया था, तो अब ऐसा क्या बदल गया कि भाजपा को इतनी बड़ी जीत मिल गई? यह जीत गले नहीं उतरती।” अरविंद केजरीवाल, नेता, AAP
नोट : एक सीट पर अभी अंतिम परिणाम आना बाकी है, जहां टीएमसी महज 323 मतों से आगे चल रही है।
विपक्ष की सुगबुगाहट: ईवीएम या रणनीति?
केजरीवाल के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर चुनाव प्रक्रिया और वोटिंग पैटर्न को लेकर बहस छिड़ गई है। टीएमसी की करारी हार और भाजपा के 200 का आंकड़ा पार करने को लेकर विपक्ष अब एकजुट होकर सवाल उठाने की तैयारी में है।
हालांकि, भाजपा नेतृत्व ने इन आरोपों को ‘हार की हताशा’ करार दिया है। भाजपा प्रवक्ताओं का कहना है कि बंगाल की जनता ने विकास और परिवर्तन के पक्ष में मतदान किया है, जिसे विपक्ष स्वीकार नहीं कर पा रहा है।
महानगर मेट्रो की नजर:
अब देखना यह होगा कि केजरीवाल के इन सवालों को अन्य विपक्षी दल कितना समर्थन देते हैं और क्या यह मुद्दा आने वाले दिनों में संसद से लेकर सड़क तक गरमाएगा।

