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चक्रवाती तूफान ‘अरनब’ का कहर: राजनांदगांव में फसल क्षति के आकलन के लिए कलेक्टर के कड़े निर्देश, कृषि और राजस्व विभाग की संयुक्त टीमें मैदानी सर्वेक्षण में जुटीं

राजनंदगांव : बंगाल की खाड़ी में उठे चक्रवाती तूफान ‘अरनब’ के असर से हुई असमय बारिश और प्रतिकूल मौसम ने राजनांदगांव जिले के किसानों की चिंताओं को बढ़ा दिया है। कटाई के मुहाने पर खड़ी धान की फसल के साथ-साथ अन्य कृषि और उद्यानिकी फसलों को पहुंचे नुकसान को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन एक्शन मोड में आ गया है। राजनांदगांव कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल व्यापक सर्वेक्षण कराने और वास्तविक फसल क्षति का विस्तृत आकलन कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के कड़े निर्देश जारी किए हैं।

तीन प्रमुख विभागों का आपसी समन्वय और संयुक्त सर्वेक्षण

कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने कृषि, उद्यानिकी और राजस्व विभाग के अधिकारियों को आपस में बेहतर समन्वय स्थापित कर मैदानी स्तर पर उतरने के आदेश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि ग्रामीण इलाकों में मैदानी अमले के माध्यम से एक-एक प्रभावित खेत का दौरा किया जाए।

पारदर्शिता पर जोर: सर्वेक्षण के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रभावित किसानों के खेतों में जाकर ही नुकसान का वास्तविक और पारदर्शी आकलन किया जाएगा।

तहसीलदारों को सख्त निर्देश: जिले के सभी तहसीलदारों एवं संबंधित विभागीय मैदानी अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में डटकर सर्वेक्षण कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने को कहा गया है।

धान और उद्यानिकी फसलों को भारी नुकसान की आशंका

चक्रवाती तूफान अरनब के प्रभाव से जिले के कई हिस्सों में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई है। इस असमय आपदा के कारण:

1 धान की फसल: पकी हुई और कटाई के कगार पर खड़ी धान की फसलें खेतों में बिछ गई हैं और जलजमाव के कारण आंशिक या पूर्ण रूप से प्रभावित हुई हैं।

2 सब्जियां एवं उद्यानिकी फसलें: खुले खेतों में लगी हरी सब्जियों और उद्यानिकी फसलों को भी इस चक्रवाती मौसम से व्यापक क्षति पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।

मुआवजे की दिशा में पहला कदम, शासन को भेजी जाएगी रिपोर्ट

कलेक्टर ने इस सर्वेक्षण कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता (Top Priority) देने के निर्देश दिए हैं ताकि निर्धारित समय-सीमा के भीतर वास्तविक रिपोर्ट तैयार की जा सके। इस संकलित जानकारी को तुरंत राज्य शासन को भेजा जाएगा, जिससे शासन के नियमानुसार प्रभावित किसानों को राहत राशि और मुआवजा देने की प्रक्रिया शीघ्र शुरू की जा सके।

प्रशासन की इस त्वरित पहल से उन पीड़ित किसानों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जगी है, जिनकी मेहनत पर चक्रवाती तूफान ने पानी फेर दिया था। ‘महानगर मेट्रो न्यूज़’ किसान हित और क्षेत्र की हर महत्वपूर्ण गतिविधि पर निरंतर नजर बनाए रखेगा।

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