एलोपैथिक दवाओं और इंजेक्शन का गैर-कानूनी धंधा चलाने वाले राम बहादुर, आशीष, नरोत्तम और महेंद्र पवार सचिन GIDC पुलिस की गिरफ्त में हैं।
सूरत: सूरत पुलिस ने सूरत शहर और आस-पास के इलाकों में मासूम लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वाले गैर-कानूनी और बिना डिग्री वाले फर्जी डॉक्टरों (ऊंटों) के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू की है। सूरत के सचिन GIDC इलाके में पुलिस ने डिस्ट्रिक्ट हेल्थ डिपार्टमेंट की टीम के साथ मिलकर अलग-अलग क्लीनिक पर एक साथ छापा मारा और पूरी तरह से छापेमारी की। इस जॉइंट ऑपरेशन में 4 फर्जी डॉक्टर बिना किसी ऑफिशियल मेडिकल डिग्री या
क्वालिफिकेशन के मासूम मरीजों का इलाज करते हुए रंगे हाथों पकड़े गए हैं।
सूरत पुलिस कमिश्नर वबांग जमीर के सख्त निर्देशों और गाइडेंस में शहर में ‘फर्जी डॉक्टरों के खिलाफ स्पेशल ड्राइव’ चल रही है, जिसके तहत यह बड़ी कार्रवाई की गई है।
जहरीला खेल पकड़ा गया: कौन हैं ये 4 फर्जी डॉक्टर?
सचिन GIDC पुलिस ने हेल्थ डिपार्टमेंट के साथ मिलकर रेड मारकर जिन चार ठगों और नकली डॉक्टरों को पकड़ा है, उनकी डिटेल्स इस तरह हैं:
- राम बहादुर अभिबरन वर्मा (जिसने सिर्फ़ जनरल ग्रेजुएशन (B.A.) तक पढ़ाई की है, फिर भी वह क्लिनिक चला रहा था और एलोपैथिक दवाइयाँ दे रहा था।)
- आशीष रामसागर मोरया (जिसने सिर्फ़ आयुष्मान पैरा मेडिकल का जनरल कोर्स किया है, लेकिन डॉक्टर बनकर बैठा था।)
- नरोत्तम सुरेश बैरागी (जिसने सिर्फ़ 10वीं तक पढ़ाई की है, फिर भी वह लोगों की हेल्थ के साथ सीधे तौर पर छेड़छाड़ कर रहा था।)
- महेंद्र श्यामराव पवार (जिसके बारे में पता चला है कि उसने BEMS की पढ़ाई की है, लेकिन उसके पास कोई वैलिड डॉक्यूमेंट या लीगल एलोपैथिक प्रैक्टिस का रजिस्ट्रेशन नहीं था।)
क्लिनिक में गैर-कानूनी एलोपैथिक इलाज का नेटवर्क चल रहा था।
पुलिस जांच में पता चला है कि ये चारों आरोपी सचिन GIDC इलाके में अलग-अलग जगहों पर अपने हॉस्पिटल या क्लिनिक चला रहे थे। उनके पास गुजरात मेडिकल काउंसिल से कोई रजिस्ट्रेशन या एलोपैथिक दवाइयाँ लिखने या इस्तेमाल करने की लीगल परमिशन नहीं थी। लेकिन, वे आम लोगों और मज़दूर वर्ग के लोगों को बीमारी ठीक करने के नाम पर भारी एलोपैथिक दवाएँ, बोतलें और इंजेक्शन दे रहे थे।
बिना डिग्री वाले ये लोग सीधे लोगों की जान से खेल रहे थे। हेल्थ डिपार्टमेंट की टीम ने मौके से बड़ी मात्रा में गैर-कानूनी दवाएँ, मेडिकल उपकरण और इंजेक्शन ज़ब्त किए हैं और आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।
पुलिस की सख्त चेतावनी: नकली डॉक्टरों की खैर नहीं!
इन सभी आरोपियों पर सचिन GIDC पुलिस स्टेशन ने मेडिकल प्रैक्टिस एक्ट और भारतीय कानून की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज करके जेल भेज दिया है। सूरत पुलिस की इस लाठीचार्ज और ज़बरदस्त कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया है और दूसरे नकली डॉक्टर अंडरग्राउंड हो गए हैं

