एक्सीडेंट में गंभीर रूप से घायल 25 साल के आदिल शेख की इलाज के दौरान दर्दनाक मौत: ट्रैफिक पुलिस की बड़ी लापरवाही के खिलाफ लोगों का गुस्सा फूटा
बढ़ते सड़क हादसे और लापरवाह ड्राइवरों से जनता परेशान: ट्रैफिक पुलिस के काम पर गंभीर सवाल जो मासूम लोगों की जान ले रहा है!
डभोई : डभोई पंथक और आस-पास के इलाकों में सड़क हादसे अब रोज़ की बात हो गई है, जिसमें मासूम नागरिक अपनी कीमती जानें गंवा रहे हैं। हाल ही में एक गंभीर हादसे में गंभीर रूप से घायल 25 साल के नौजवान आदिल शेख की अस्पताल में इलाज के दौरान दुखद मौत हो गई। इस नौजवान की अचानक मौत से परिवार में दुख की लहर दौड़ गई है और पूरे इलाके में लोगों में गुस्सा देखा जा रहा है। लापरवाह डंपर और ड्राइवर बन रहे हैं ‘यमदूत’
मिली जानकारी के मुताबिक, डभोई और आस-पास की सड़कों पर भारी गाड़ियां, डंपर ड्राइवर और लापरवाह बाइक और कार ड्राइवर अपनी गाड़ियां तेज़ रफ़्तार से चला रहे हैं। ट्रैफिक नियमों को नज़रअंदाज़ करके सड़कों पर आतंक मचाकर ये ड्राइवर आम लोगों के लिए ‘यमदूत’ साबित हो रहे हैं। ट्रैफिक कंट्रोल न होने की वजह से हादसों का सिलसिला थम नहीं रहा है, जिसकी वजह से हंसते-खेलते युवा अकाल मौत के मुंह में जा रहे हैं।
ट्रैफिक पुलिस की खराब परफॉर्मेंस के खिलाफ जनता के सवाल
इस मामले में, ट्रैफिक पुलिस डिपार्टमेंट की परफॉर्मेंस के खिलाफ स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों में ज़बरदस्त गुस्सा है। लोग सीधे सवाल पूछ रहे हैं कि:
क्या डभोई पुलिस और ट्रैफिक डिपार्टमेंट सिर्फ़ कागज़ों पर नियम बनाते हैं?
सड़क पर लापरवाही से दौड़ रहे डंपर और ओवरस्पीडिंग गाड़ियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने में लाचारी क्यों है?
क्या पुलिस किसी बड़े हादसे या और जानें जाने का इंतज़ार कर रही है? ट्रैफिक पुलिस के कमज़ोर, इनएक्टिव और कागज़ों पर आधारित काम की वजह से आज डभोई की सड़कें खूनी होती जा रही हैं और बेगुनाह लोग अपनी जान गंवा रहे हैं।
बड़ा सवाल: लापरवाह ड्राइवरों पर कब रोक लगेगी?
आदिल शेख नाम के 25 साल के युवक की मौत के बाद पूरे शहर में बस एक ही चर्चा हो रही है कि जब लोग शिकार हो रहे हैं, तो क्या ट्रैफिक पुलिस कभी जागेगी? लापरवाह और गैर-ज़िम्मेदार कार और डंपर ड्राइवरों की मनमानी पर कब रोक लगेगी?
अब देखना यह है कि सोई हुई ट्रैफिक पुलिस अपनी कुंभकर्णी नींद से कब जागेगी और ऐसे लापरवाह ड्राइवरों पर सख्ती करके डभोई के लोगों को सुरक्षित माहौल देगी?

