शिनोर चौकड़ी से नांदोड़ी बगोल तक कचरे के पहाड़ हटाने के बजाय बोर्ड और बैनर लगाकर लोगों की आंखों में धूल झोंक रहा नगर निगम प्रशासन: मुख्यमंत्री की कड़ी फटकार भी बेअसर!
डभोई : ऐतिहासिक दरभावती शहर डभोई में विकास के बड़े-बड़े वादे किए जा रहे हैं, लेकिन हकीकत इतनी शर्मनाक है कि शहर गंदगी के ढेर के नीचे दबा हुआ है। 31 अक्टूबर को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्टैच्यू ऑफ यूनिटी (एकता नगर) जाने के लिए इसी सड़क से गुजरने वाले हैं। प्रधानमंत्री के इस VVIP आने से पहले डभोई के भ्रष्ट और आश्रित प्रशासन की पोल खुल गई है। प्रधानमंत्री का काफ़िला गुज़रे तो गंदगी न दिखे, इसके लिए पक्के तौर पर गंदगी हटाने के बजाय, करोड़ों रुपये खर्च करके शिनोर चौकड़ी से नांदोड़ी बगोल तक सड़क पर ‘सफ़ाई के बड़े-बड़े बोर्ड और पेंटिंग’ लगा दी गई हैं!
मुख्यमंत्री की सबके सामने डांट भी अधिकारियों के कानों पर नहीं पड़ी!
कुछ समय पहले, जब राज्य के मुख्यमंत्री खुद इसी सड़क से गुज़रे थे, तो सड़क पर गंदगी और कचरे का साम्राज्य देखकर, उन्होंने सबके सामने अधिकारियों को अच्छे से देखा और उनसे तुरंत सख़्त कार्रवाई करने को कहा था। लेकिन, डभोई के अधिकारियों की चमड़ी इतनी मोटी है कि मुख्यमंत्री की डांट का भी उन पर कोई असर नहीं होता। अब, जब देश के प्रधानमंत्री खुद इस रास्ते से निकलने वाले हैं, तो अधिकारी अपनी सालों की नाकामी और लापरवाही को छिपाने के लिए सिर झुकाकर बस दिखावा कर रहे हैं।
गंदगी हटाने के बजाय, वे बस ‘पर्दे’ लगा रहे हैं! डभोई के लोग पूछ रहे हैं कि शिनोर चौकड़ी से नांदोड़ी बगोल तक सड़क के दोनों तरफ सालों से जमा कूड़े के गड्ढों और गंदगी को साफ करने के लिए एडमिनिस्ट्रेशन ने JCB या सफाई कर्मचारी क्यों नहीं लगाए? गंदगी हटाने के बजाय, क्या ‘स्वच्छता ही सेवा’ और ‘स्वच्छता अभियान’ के आकर्षक बोर्ड लगाने से पीछे का कूड़ा गायब हो जाएगा? क्या सिर्फ सामने बोर्ड लगाने से कूड़े की बदबू और मच्छरों का उपद्रव बंद हो जाएगा?
जनता का करोड़ों का टैक्स पानी में: 31 तारीख के बाद क्या होगा?
जनता में सबसे बड़ा गुस्सा इस बात का है कि सरकारी खजाने से जनता के कमाए लाखों-करोड़ों रुपये सिर्फ ‘मैनेजमेंट’ और दिखावे के लिए पानी की तरह बर्बाद किए जा रहे हैं। 31 अक्टूबर को प्रधानमंत्री का प्रोग्राम खत्म होगा और उनका काफिला निकल जाएगा, जिसके बाद करोड़ों रुपये की लागत से लगाए गए इन बोर्ड से धूल झाड़ दी जाएगी और डभोई की दुर्दशा फिर से ‘जैसी है वैसी’ हो जाएगी!
डभोई के लोगों और व्यापारियों में अब बहुत बड़ा गुस्सा फूट पड़ा है। लोगों की मांग एक ही सवाल के साथ है कि कागजों पर और बोर्ड के पीछे ‘सफाई’ छिपाने का यह घिनौना खेल बंद किया जाए और ज़मीनी हकीकत बदलकर गंदगी को हमेशा के लिए खत्म किया जाए। अब देखना यह है कि क्या कोई बड़ा अधिकारी इस भ्रष्ट सिस्टम के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगा या फिर गंदगी ऐसे ही बोर्ड के पीछे सड़ती रहेगी?

