कोर्ट को पावर वापस देने की बड़ी मांग को लेकर वकील सड़कों पर: गांधी की मूर्ति पर माला चढ़ाई और सरकार के खिलाफ बिगुल बजाए
अहमदाबाद : गुजरात सरकार के विवादित गुजरात रेंट बिल के विरोध में पूरे राज्य के वकील गुस्से में आ गए हैं। आज अहमदाबाद समेत पूरे गुजरात के सभी कोर्ट में वकीलों ने कोर्ट के काम से दूर रहकर ज़ोरदार विरोध किया। गुजरात बार एसोसिएशन के सपोर्ट से वकीलों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और धमकी दी है कि जब तक कोर्ट को पावर वापस नहीं मिल जाती, तब तक वे यह लड़ाई जारी रखेंगे।
भद्रा कोर्ट से इनकम टैक्स तक एक बड़ी बाइक रैली
आज के विरोध के तहत अहमदाबाद में वकीलों ने एक बड़ी और गुस्से वाली बाइक रैली निकाली। हज़ारों वकील भद्रा कोर्ट से अपनी बाइक पर निकले और नारे लगाते हुए सीधे इनकम टैक्स चौराहे पर पहुंचे। इनकम टैक्स चौराहे पर वकीलों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारे लगाए और विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान वकीलों ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की मूर्ति पर माला चढ़ाई और न्याय के लिए अहिंसक लेकिन मज़बूती से लड़ने का संकल्प लिया। वकीलों के इस ज़बरदस्त विरोध प्रदर्शन की वजह से ट्रैफिक पर भी असर पड़ा और पुलिस तैनात करनी पड़ी।
बड़ी मांग है कि कोर्ट को पावर वापस दी जाए
वकीलों का मुख्य गुस्सा इस बात पर है कि किराए के झगड़ों और पावर के मामलों में लिए जा रहे फैसलों से ज्यूडिशियरी की पावर कम हो रही है। वकीलों की साफ मांग है कि रेंट बिल से जुड़ी सभी पावर और ज्यूडिशियल अधिकार कोर्ट को वापस दिए जाएं। गुजरात बार एसोसिएशन भी ऑफिशियली इस हड़ताल और विरोध में शामिल हो गया है, जिसकी वजह से वकील राज्य की सभी मेंबर कोर्ट में नहीं गए और कोर्ट का काम पूरी तरह से ठप रहा।
अगर सरकार आने वाले दिनों में वकीलों की यह जायज़ मांग नहीं मानती है, तो वकीलों की एसोसिएशन ने आंदोलन और तेज़ करने की धमकी भी दी है।

