मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले की खिलचीपुर कृषि उपज मंडी में सोयाबीन की खरीदी में देरी और कम भाव मिलने से नाराज किसानों ने जमकर हंगामा किया. करीब 500 किसानों ने सड़क पर पत्थर डालकर चक्काजाम कर दिया.
मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के खिलचीपुर कृषि उपज मंडी में शनिवार देर शाम किसानों के विरोध प्रदर्शन के बाद जमकर हंगामा हुआ. जहां किसानों ने उपज की खरीदी में देरी और उचित दाम नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए मंडी के सामने सड़क पर पत्थर डालकर चक्काजाम कर दिया. इसी दौरान मंडी परिसर के अंदर कुछ युवक लाठी-डंडे लेकर पहुंचे और करीब 10 मिनट तक व्यापारियों के प्रतिष्ठानों में तोड़फोड़ की. घटना के CCTV फुटेज भी सामने आए हैं.
किसानों का कहना था कि मंडी में सैकड़ों ट्रैक्टर उपज लेकर खड़े हैं. किसान सुबह से खरीदी का इंतजार कर रहे थे, लेकिन खरीदी देर से शुरू हुई और शाम के बाद बंद कर दी गई. किसानों के मुताबिक करीब 200 ट्रॉली सोयाबीन मंडी में खड़ी थी और कई किसानों की उपज की नीलामी नहीं हो सकी. किसानों का आरोप है कि सोयाबीन का उचित भाव करीब 6 हजार रुपए प्रति क्विंटल है, जबकि खिलचीपुर में 5100 से 5200 रुपए तक भाव दिया जा रहा है.
कई दिनों से सोयाबीन बेचने के लिए लाइन में लगे हैं किसान
भवानीपुर के किसान शिव सिंह और नागपुरिया के किसान लखन दांगी ने कहा कि किसान लंबे समय से मंडी में अपनी उपज लेकर खड़े हैं. किसान जितेंद्र सोंधिया ने बताया कि वह पिछले दिन से मंडी में हैं और शाम तक उनकी उपज नहीं खरीदी गई. किसानों का कहना था कि अब दो दिन की छुट्टी होने के कारण उनकी परेशानी और बढ़ जाएगी.
शाम करीब 6:30 बजे करीब 500 किसानों ने सड़क पर पत्थर डालकर जाम लगा दिया. पुलिस मौके पर पहुंची और किसानों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन किसान खरीदी शुरू होने तक रास्ता खोलने को तैयार नहीं थे.
इसी दौरान मंडी के अंदर कुछ युवक लाठी-डंडे लेकर घुसे. आरोप है कि उन्होंने द्वारकाधीश ट्रेडर्स के बाहर रखा तौल कांटा और कुर्सियां तोड़ दीं. इसके बाद रामप्रसाद शिवनारायण ट्रेडर्स के ऑफिस के बाहर गेट पर पत्थर फेंके गए और CCTV कैमरे व लाइटें तोड़ दी गईं. व्यापारियों के मुताबिक करीब 12 प्रतिष्ठानों में तौल कांटे, कैमरे, लाइट और कुर्सियों को नुकसान पहुंचाया गया.
मंडी सचिव रामप्रसाद राज ने बताया कि मंडी सुबह समय पर शुरू हुई थी. सीजन की पहली बड़ी आवक होने के कारण सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक मंडी चली. बैंक से भुगतान व्यवस्था के लिए एक घंटे का रेस्ट दिया गया और शाम 5 बजे से 6:15 बजे तक फिर खरीदी हुई. अंधेरा होने के कारण मंडी बंद करनी पड़ी. सचिव के अनुसार करीब 50 किसानों की उपज रह गई थी, जिसके बाद किसानों ने हंगामा किया और व्यापारियों के प्रतिष्ठानों में तोड़फोड़ की. सचिव ने बताया कि CCTV फुटेज के साथ पुलिस में शिकायत की जा रही है.
बवाल करने वाले युवकों की तलाश में जुटी पुलिस
मंडी व्यापारी कैलाश चंद्र खडेलवाल, जगदीश गुप्ता और सुरेश शिवनारायण गुप्ता ने बताया कि अधिक आवक के कारण करीब 100 ट्रैक्टरों की उपज बच गई थी और किसानों को अगले दिन नीलामी के लिए कहा गया था. व्यापारियों का आरोप है कि इसके बाद कुछ किसानों ने प्रतिष्ठानों में जाकर तौल कांटे, लाइट, CCTV कैमरे और कुर्सियां तोड़ दीं. व्यापारियों ने बताया कि उन्होंने अंदर कमरे में जाकर गेट बंद कर खुद को सुरक्षित किया. उन्होंने मंडी प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था की मांग की है.
मामले की सूचना पर खिलचीपुर थाना प्रभारी कमल सिंह गेहलोत मौके पर पहुंचे और व्यापारियों से घटना की जानकारी ली. थाना प्रभारी ने बताया कि CCTV फुटेज के आधार पर तोड़फोड़ करने वाले युवकों की पहचान कर उनकी तलाश शुरू कर दी गई है. वहीं, खिलचीपुर एसडीएम ज्योति राजोरिया ने मौके पर पहुंचकर किसानों से चर्चा की. प्रशासन की समझाइश और रविवार को छुट्टी के बावजूद किसानों की उपज की खरीदी शुरू कराने के आश्वासन के बाद किसानों ने शाम करीब 7 बजे चक्काजाम समाप्त कर रास्ता खोल दिया.

