Homeटॉप न्यूज़'आरक्षण न होता तो घाट पर कपड़े धो रही होती', सपा नेता...

‘आरक्षण न होता तो घाट पर कपड़े धो रही होती’, सपा नेता की भाजपा जिला पंचायत अध्यक्ष पर अभद्र टिप्पणी

हरदोई जिले में सपा नेता के एक बयान ने सियासी बखेड़ा खड़ा कर दिया है। भाजपा जिला पंचायत अध्यक्ष पर सपा नेता ने विवादित टिप्पणी कर दी है।

उत्तर प्रदेश के हरदोई में समाजवादी पार्टी के निवर्तमान जिलाध्यक्ष शराफत अली के एक बयान को लेकर हरदोई में सियासी विवाद खड़ा हो गया है। गोपामऊ कस्बे में आयोजित पीडीए पंचायत के दौरान उन्होंने जिला पंचायत अध्यक्ष प्रेमावती वर्मा को लेकर टिप्पणी की, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद राजनीतिक और सामाजिक संगठनों में नाराजगी देखने को मिली। जिला पंचायत अध्यक्ष ने मामले में एफआईआर दर्ज कराने की बात कही है।

पीडीए पंचायत में दिया बयान

बुधवार को गोपामऊ कस्बे में समाजवादी पार्टी की ओर से पीडीए पंचायत का आयोजन किया गया था। इसमें पार्टी के कई नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सपा के निवर्तमान जिलाध्यक्ष शराफत अली ने जिला पंचायत अध्यक्ष प्रेमावती वर्मा के सामाजिक वर्ग का उल्लेख करते हुए आरक्षण व्यवस्था को लेकर टिप्पणी की।

बोले- आरक्षण नहीं होता तो कपड़े धो रहीं होतीं

वायरल वीडियो में शराफत अली को यह कहते हुए सुना जा रहा है कि यदि सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव ने आरक्षण व्यवस्था लागू नहीं कराई होती, तो जिला पंचायत अध्यक्ष प्रेमावती वर्मा आज किसी धोबी घाट पर कपड़े साफ कर रही होतीं। उनके इस बयान को लेकर विरोध शुरू हो गया। हालांकि, वायरल वीडियो और बयान की स्वतंत्र पुष्टि किया जाना अभी बाकी है। बता दें कि प्रेमावती भाजपा से जिला पंचायत अध्यक्ष हैं।

जिला पंचायत अध्यक्ष ने जताई कड़ी आपत्ति

बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष प्रेमावती वर्मा ने शराफत अली के खिलाफ कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक मंच से किसी महिला और उसके समाज को लेकर इस तरह की टिप्पणी करना आपत्तिजनक है। उन्होंने शराफत अली की मानसिकता पर भी सवाल उठाए और कहा कि वह पहले भी महिलाओं को लेकर इसी तरह की टिप्पणियों के कारण विवादों में रह चुके हैं। जिला पंचायत अध्यक्ष ने मामले में कानूनी कार्रवाई की बात कही है।

महिलाओं ने किया प्रदर्शन, पुतला फूंका

बयान के विरोध में भाजपा महिला मोर्चा ने हरदोई शहर के अंबेडकर पार्क के पास प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने शराफत अली के खिलाफ नारेबाजी की और उनका पुतला फूंका। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल के नेता को महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुंचाने वाली भाषा का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। महिलाओं ने सपा नेतृत्व से मामले का संज्ञान लेकर कार्रवाई की मांग की।

पहले भी विवादों में रह चुके हैं शराफत अली

शराफत अली इससे पहले भी अपने बयानों को लेकर विवादों में रह चुके हैं। कुछ समय पहले उनकी पार्टी की पूर्व सांसद ऊषा वर्मा और पूर्व विधायक राजेश्वरी देवी को लेकर की गई कथित अभद्र टिप्पणियों का वीडियो भी सामने आया था। इसके बाद पार्टी के भीतर ही उनके खिलाफ विरोध के स्वर उठे थे। बाद में प्रदेश नेतृत्व ने उन्हें जिलाध्यक्ष पद से हटा दिया था।

बयान को लेकर बढ़ सकता है राजनीतिक विवाद

ताजा मामले में वीडियो सामने आने के बाद सपा नेता के बयान को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। जिला पंचायत अध्यक्ष की ओर से कानूनी कार्रवाई की बात कहे जाने के बाद मामला और गंभीर हो गया है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि पार्टी नेतृत्व इस विवाद पर क्या रुख अपनाता है और पुलिस स्तर पर शिकायत होने के बाद क्या कार्रवाई होती है?

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments