हमीरपुर जिले के कुरारा क्षेत्र के पतारा गांव में कंपोजिट प्राथमिक स्कूल की शिक्षा व्यवस्था का जायजा लेने पहुंचे डीएम अशोक कुमार को निरीक्षण के दौरान कई खामियां मिली हैं।
यूपी के हमीरपुर जिले में डीएम अशोक कुमार ने सरकारी प्राथमिक स्कूलों में पठन पाठन की स्थिति की जमीनी हकीकत देखने की मुहिम छेड़ रखी है। एक कंपॉजिट स्कूल देखने पहुंचे बच्चों की शिकायते सुनकर दंग रह गए। बच्चों ने खाने से लेकर टीचरों तक का काला चिठ्ठा खोला तो डीएम ने मौक़े पर ही जाँच करने के निर्देश दे दिए।
हमीरपुर जिले के कुरारा क्षेत्र के पतारा गांव में कंपोजिट प्राथमिक स्कूल की शिक्षा व्यवस्था का जायजा लेने पहुंचे डीएम अशोक कुमार को जमीन पर बच्चों को पढ़ते देख वह हैरान रह गए। उन्होंने नव निर्मित भवन का निरीक्षण किया। साफ सफाई और तमाम कमियां पाए जाने पर उन्होंने बीएसए को पन्द्रह दिन में कमियां दूर करने के निर्देश दिए।
DM के पूछने पर बच्चों ने सुनाया पहाड़ा
डीएम ने बच्चों से सवाल जवाब कर पूछा कि किसी बच्चे को 12 का पहाड़ा आता है। एक बच्चे ने खड़े होकर कहा- सर वह पहाड़ा सुना सकता है। बच्चे ने तुरंत खड़े होकर 12 का पहाड़ा सुनाया। इसी बीच डीएम के सवाल करने पर एक बच्चे ने 13 का पहाड़ा भी सुना दिया। ब्लैक बोर्ड पर बच्चों से गुणा भाग करने को कहा तो तीन बच्चों ने कुछ ही सेकेन्ड में हल कर दिया।
डीएम ने दिए निर्देश
डीएम ने कहा कि यहां पठन पाठन की स्थिति बहुत अच्छी है। मिड डे मील योजना में मिलने वाले भोजन के बारे में डीएम ने बच्चों से पूछा कि कैसा खाना मिलता है। बच्चोंने सामूहिक रूप से कहा कि भोजन तो मिलता है लेकिन अच्छा नहीं मिलता है। दूध में मट्ठा मिलाकर बच्चों को दिया जाता है। उन्होंने बीएसए को इस मामले में कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
साफ तौर पर डीएम ने कहा कि दोपहर का भोजन बनाने में ब्राँडेड मसाला और तेल का इस्तेमाल किया जाए। भोजन तैयार होने के बाद पहले स्कूल की समिति इसे चखे फिर बच्चों को खाने के लिए परोसा जाए। इसमें किसी भी तरह की कोई लापरवाही बरती गई तो दोषी लोगों पर सख्त एक्शन लिया जाएगा। डीएम ने लाइब्रेरी, नव निर्मित स्कूल के भवनों और कक्षों का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि भवन हैंडओवर हो चुका है अब पन्द्रह दिनों के अंदर बच्चों के लिए मेज और कुर्सियों की व्यवस्था कर दी जाए।
डीएम के पास शिकायत करने पहुंच गए बच्चे
निरीक्षण के बाद जैसे ही डीएम अपनी कार की तरफ आगे बढ़े तो पीछे से तमाम बच्चे उनके पास पहुंच गए। उनके चारो ओर खड़े होकर बच्चों ने स्कूल की मिड-डे मील योजना में की जा रही धांधली की शिकायतें कर बच्चों ने कहा कि सर पानी मिली दाल और खराब रोटी खाने को दी जाती है। इतना ही नहीं सर मट्ठा मिलाकर दूध दिया जाता है। गणित के शिक्षक उन्हें सवाल पूछने पर मारते पीटते है। बच्चों से शिकायतें सुन डीएम ने बीएसए मुकेश खरवार को निर्देश दिए कि इस मामले में एक्शन लिया जाए। डीएम के निर्देश पर बीएसए ने स्कूल के इंचार्ज हेडमास्टर बिजेन्द्र कुमार के खिलाफ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। इस कार्रवाई से स्कूल के शिक्षकों में हड़कंप मचा हुआ है।

