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यूपी में बारिश बनी आफत, 60 घंटे में 56 लोगों की मौत, IMD ने कई जिलों में जारी किया अलर्ट

लगातार हो रही भारी बारिश से यूपी के कई जिलों में जलभराव और बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई है. IMD ने दक्षिण-पूर्वी यूपी में बने डिप्रेशन के चलते अगले 24 घंटे में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान जताया है. बारिश से 60 घंटे में 56 लोगों की मौत हो गई है.

उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही बारिश से कई जिलों में हालात बिगड़ गए हैं. कई जगह जलभराव है. तेज बारिश और हवाओं से पेड़ और कच्चे मकान भी गिरे हैं. इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले कुछ घंटों के मौसम को लेकर नया पूर्वानुमान जारी किया है.

IMD के मुताबिक दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर बना डिप्रेशन उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ रहा है. पिछले छह घंटे में यह करीब 12 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आगे बढ़ा है. 26 सितंबर की रात 11.30 बजे यह सिस्टम उसी क्षेत्र में मौजूद था.

मौसम विभाग का कहना है कि यह सिस्टम उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ेगा. यह पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर से गुजरेगा. अगले छह घंटे में इसके धीरे-धीरे कमजोर होने की संभावना है. इसके बाद यह उसी क्षेत्र में एक अच्छी तरह से चिह्नित कम दबाव वाले क्षेत्र में बदल सकता है. IMD इस सिस्टम पर लगातार नजर बनाए हुए है. लखनऊ में लगे डॉप्लर मौसम रडार के जरिए इसकी निगरानी की जा रही है.

यूपी में 60 घंटे में 56 लोगों की मौत, 117 मकान क्षतिग्रस्त

प्रदेशभर में पिछले 60 घंटों में अतिवृष्टि और आंधी-तूफान से यूपी में 56 लोगों की मौत हुई है. 4 पशुहानि और 117 मकानों के क्षतिग्रस्त होने की भी सूचना है. हादसों में 5 लोग घायल हुए हैं. लखीमपुर खीरी में सबसे ज्यादा 4 लोगों की मौत हुई, जबकि अयोध्या में 2 और अमेठी, बहराइच, बांदा, बाराबंकी, बस्ती, फतेहपुर, हमीरपुर, हरदोई और कानपुर नगर में 1-1 मौत हुई है.

बहराइच में दीवार गिरने से एक व्यक्ति की मौत हुई, जबकि बस्ती में आंधी-तूफान के कारण एक जान गई. बारिश और तूफान से सबसे ज्यादा मकान बांदा में 32, जालौन में 21 और हरदोई में 14 क्षतिग्रस्त हुए हैं.

कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान जताया है. पूर्वी यूपी में बारिश का असर ज्यादा रहने की संभावना है. कुछ इलाकों में बहुत भारी बारिश भी हो सकती है. केंद्रीय तराई क्षेत्र में कुछ जगहों पर बेहद भारी बारिश की आशंका जताई गई है. अगले 24 घंटे में मध्य और तराई यूपी के कुछ जलग्रहण क्षेत्रों में अचानक बाढ़ का हल्का से मध्यम खतरा भी बताया गया है.

रविवार को भी प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है. शनिवार को यूपी के 63 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई. पिछले 24 घंटे में प्रदेश में सामान्य से करीब 19 गुना ज्यादा बारिश हुई. कई इलाकों में तेज हवा के साथ बारिश हुई.

लखनऊ में शनिवार सुबह तक 21 घंटे में 125.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई. फतेहगढ़ में 224 मिलीमीटर और बांदा में 227.6 मिलीमीटर बारिश हुई. बहराइच के नानपारा में 217 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई. हरदोई में 214 मिलीमीटर और कन्नौज में 204 मिलीमीटर बारिश हुई.

लगातार बारिश के कारण कई शहरों में जलभराव की स्थिति है. मुरादाबाद में कई इलाकों में पानी भर गया. जिला पशु चिकित्सालय में भी बारिश का पानी घुस गया. बारिश और तेज हवाओं के कारण कई जगह पेड़ गिर गए. कच्चे मकानों की दीवारें भी गिरी हैं. पिछले 60 घंटों में यूपी में 56 लोगों की मौत हो गई है.

बारिश और तेज हवाओं से 117 मकानों को नुकसान पहुंचा है. कई जगह फसलों को भी नुकसान पहुंचा है. निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

बलिया, गाजीपुर, गोरखपुर समेत कई जिलों में अलर्ट रहने की अपील

मौसम विभाग के पूर्वानुमान को देखते हुए कई जिलों में प्रशासन को अलर्ट किया गया है. आजमगढ़, बलिया, गाजीपुर, गोरखपुर, बस्ती, सुल्तानपुर, अयोध्या, गोंडा, हरदोई, लखनऊ, उन्नाव, रायबरेली, बाराबंकी, अमेठी, कौशांबी और चित्रकूट जैसे जिलों में अचानक बाढ़ की स्थिति पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं.

नेपाल में भी भारी बारिश को देखते हुए सीमावर्ती जिलों में खास निगरानी रखने को कहा गया है. पूर्वी यूपी में नदियों का जलस्तर बढ़ने की आशंका के चलते प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बारिश और बाढ़ से प्रभावित लोगों को तत्काल राहत देने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने जनहानि और पशुहानि पर नियमानुसार मुआवजा देने को कहा है. बारिश से घर गिरने पर प्रभावित परिवारों को भी जल्द सहायता देने के निर्देश दिए गए हैं.

CM ने फसलों के नुकसान का आकलन कर किसानों को मुआवजा देने को कहा गया है. बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत और शरणालय केंद्रों तक पहुंचाने के निर्देश हैं. वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर रहकर स्थिति की निगरानी करने को कहा गया है.

बारिश के बीच बिजली व्यवस्था पर भी नजर रखी जा रही है. स्थानीय फॉल्ट को जल्द ठीक करने के निर्देश दिए गए हैं. बिजली से जुड़ी किसी भी समस्या की सूचना 1912 हेल्पलाइन पर देने की अपील की गई है.

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