Homeभारतगुजरातमणिनगर में फर्जी सरकारी बाबू का पर्दाफाश: डिप्टी मामलतदार और एक्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट...

मणिनगर में फर्जी सरकारी बाबू का पर्दाफाश: डिप्टी मामलतदार और एक्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट बनकर घूमने वाला शातिर क्राइम ब्रांच के शिकंजे में!

मणिनगर दक्षिणी रेलवे क्रॉसिंग के पास से किरीटकुमार अमीन उर्फ के.बी. अमीन गिरफ्तार
गुजरात सरकार में कोई पद न होने के बावजूद मोडासा के मजिस्ट्रेट का फर्जी आईडी कार्ड रखकर कर रहा था धोखाधड़ी
पहले भी नकली पुलिस बनकर रोब जमाने वाला आरोपी क्राइम ब्रांच के हत्थे चढ़ा

अहमदाबाद : शहर में कुख्यात अपराधियों के साथ-साथ अब आम जनता पर सरकारी धौंस जमाकर ठगी करने वाले नकली अधिकारियों का आतंक भी लगातार बढ़ता जा रहा है। अहमदाबाद के संवेदनशील और पॉश माने जाने वाले मणिनगर इलाके से क्राइम ब्रांच ने एक ऐसे शातिर और बहुरुपिए शख्स को दबोच लिया है, जो खुद को गुजरात सरकार का उच्च अधिकारी बताकर लोगों के साथ ठगी कर रहा था। सरकारी पद की झूठी पहचान देकर घूमने वाले इस नकली बाबू के कारनामे जानकर खुद पुलिस भी हैरान रह गई है।

कौन है यह नकली डिप्टी मामलतदार?

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, पकड़े गए आरोपी की पहचान 40 वर्षीय किरीटकुमार अमीन उर्फ के.बी. अमीन के रूप में हुई है। यह शख्स लंबे समय से खुद को गुजरात सरकार के जिम्मेदार पद पर कार्यरत अधिकारी के रूप में पेश करता था। वह मणिनगर दक्षिणी रेलवे क्रॉसिंग के पास से संदिग्ध हालत में गुजर रहा था, तभी खुफिया सूचना के आधार पर क्राइम ब्रांच ने जयहिंद चार रास्ता के पास विशेष ट्रैप लगाकर आखिरकार उसे धर दबोचा।

आरोपी के पास से मिला फर्जी साम्राज्य!

क्राइम ब्रांच की जांच में आरोपी के पास से बेहद चौंकाने वाले सबूत हाथ लगे हैं। उसके पास से गुजरात सरकार के डिप्टी मामलतदार और एक्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (मोडासा) होने का दावा करने वाला एक कूटरचित (फर्जी) आईडी कार्ड बरामद हुआ है। हकीकत यह है कि इस शख्स का गुजरात सरकार या प्रशासनिक तंत्र में दूर-दूर तक कोई आधिकारिक पद या अधिकार नहीं था, इसके बावजूद वह सरकारी अधिकारियों जैसा रोबदार अंदाज दिखाकर आम लोगों को प्रताड़ित करता था और अपनी झूठी पहचान का फायदा उठाकर ठगी को अंजाम देता था।

पहले भी नकली पुलिस बन चुका है यह शातिर!

पुलिस की पूछताछ में यह सनसनीखेज खुलासा भी हुआ है कि किरीटकुमार अमीन कोई पहली बार अपराध की राह पर नहीं आया है। इससे पहले भी यही शख्स फर्जी पुलिस (Fake Cop) बनकर शहर में धौंस जमाने और लोगों पर प्रभाव डालने के मामलों में कानून के शिकंजे में आ चुका है। जेल की हवा खाने के बाद भी उसकी अक्ल में सुधार नहीं हुआ और उसने नया रूप धरकर एक बार फिर धोखाधड़ी का जाल बिछाना शुरू कर दिया था।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments