राजधानी भोपाल के शाहपुरा इलाके में पुलिस ने एक घर में चल रहे हाई-प्रोफाइल जुए के अड्डे पर बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस की इस दबिश में मध्य प्रदेश विशेष सशस्त्र बल (SAF) के दो जवानों समेत कुल 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। मौके से एक लाख से अधिक नकद और कई मोबाइल फोन बरामद हुए हैं, जिससे पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है।
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से कानून व्यवस्था और पुलिस विभाग को शर्मसार करने वाली एक बड़ी खबर सामने आई है। भोपाल के पॉश और व्यस्त इलाके शाहपुरा में पुलिस ने एक घर के अंदर चल रहे अवैध जुए के अड्डे पर बड़ी कार्रवाई की है। इस छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से कुल 13 जुआरियों को धर दबोचा है। सबसे हैरानी और चिंता की बात यह है कि इस अवैध फड़ पर जुआ खेलते हुए मध्य प्रदेश विशेष सशस्त्र बल (SAF) के दो जवान भी रंगे हाथों पकड़े गए हैं। इस घटना के बाद से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
बंगाली मोहल्ले के एक मकान में चल रहा था खेल
रिपोर्ट के मुताबिक, शाहपुरा के बंगाली मोहल्ले में स्थित जे-36 मकान के अंदर अवैध रूप से जुआ खेले जाने की पुख्ता सूचना पुलिस को मिली थी। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस ने योजनाबद्ध तरीके से मौके पर पहुंचकर मकान को चारों तरफ से घेर लिया और अचानक अंदर दबिश दी। पुलिस को अपने सामने अचानक देखकर वहां मौजूद लोगों में भगदड़ मच गई और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि, पुलिस मुस्तैदी दिखाते हुए सभी आरोपियों को दबोचने में कामयाब रही।
नकदी, मोबाइल और शातिर जुआरी गिरफ्तार
छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके की तलाशी ली तो वहां से एक लाख चार हजार रुपये नकद, 14 आधुनिक मोबाइल फोन और ताश की गड्डियां बरामद हुईं। इस अवैध फड़ का संचालन करने वाले मकान मालिक विकास वशिष्ठ को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में यह खुलासा हुआ है कि इस अड्डे पर सिर्फ स्थानीय लोग ही नहीं, बल्कि भोपाल के विभिन्न इलाकों से लोग आकर जुआ खेलते थे। पकड़े गए अन्य आरोपियों में संदीप कुमार दीक्षित, दीपक ठाकुर, नरेश कुशवाह, वीरेंद्र पटेल, जमीर खान, अरबाज, मोहित वर्मा, देशराज यादव, सरस्वती साहू, धर्मेंद्र परिहार, प्रहलाद साहू और यशवंत दुबे के नाम सामने आए हैं।
पुलिस विभाग में आंतरिक जांच शुरू
इस घटना के सामने आने के बाद पुलिस विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठने लाजिमी हैं। विभाग अब यह पता लगाने में जुट गया है कि यह अवैध अड्डा पिछले कितने समय से चल रहा था और इसमें पर्दे के पीछे कौन-कौन लोग संलिप्त हैं।

