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18,500 करोड़ का सालाना बजट पानी में चला गया? स्मार्ट शहर अहमदाबाद के शेला इलाके को वहीवटदार ने ‘वेनिस’ बना दिया है!

स्थानीय शासकों और अधिकारियों की बड़ी लापरवाही के खिलाफ लोगों में गुस्सा: करोड़ों का कर देने वाले नागरिकों के लिए सिर्फ झूठे वादे और सड़कों पर घुटनों तक पानी?

अहमदाबाद। मेगा शहर और स्मार्ट शहर अहमदाबाद को ‘पेरिस’ बनाने के बड़े-बड़े झूठे दावे करने वाली अहमदाबाद नगर निगम (एएमसी) का असली चेहरा सामान्य मानसून की बारिश में सामने आ गया है। पश्चिमी अहमदाबाद का शेला इलाका, जो बेहद पॉश और महंगा माना जाता है, आज बारिश के पानी की सही निकासी की व्यवस्था न होने की वजह से पूरे ‘वेनिस’ शहर की तरह झील में बदल गया है। कीचड़ और कीचड़ और चारों तरफ घुटनों तक पानी भरने की वजह से शेला के लोग घरों में रहने को मजबूर हैं, जबकि पूरे इलाके में शासकों के खिलाफ भारी गुस्सा है।

18,500 करोड़ रुपये के सालाना बजट का हिसाब कौन देगा? हर साल जनता की जेब से अरबों रुपये संपत्ति कर और विकास कर के तौर पर वसूलने वाली निगम पर अब सीधे सवाल उठ रहे हैं। शेला और आस-पास के इलाकों में जल निकासी और बारिश के पानी की पाइपलाइन बिछाने में हुए करोड़ों के भ्रष्टाचार की वजह से आज यह नौबत आई है। महापौर हितेश बारोट और स्थायी समिति अध्यक्ष कमलेश पटेल: क्या आप कभी इस जल-बम वाली हालत के बीच ज़मीनी स्तर पर आकर जनता की अदालत में जवाब देने की हिम्मत दिखाएंगे? नगर निगम आयुक्त साहब: इतना बड़ा सालाना बजट आखिर किस गड्ढे में जा रहा है? नागरिकों की असली समस्याएं वातानुकूलित कक्ष में बैठकर या सोशल मीडिया पर लुभावनी वीडियो बनाकर हल नहीं की जा सकतीं। अगर आप सड़क पर निकलकर देखेंगे तो पता चल जाएगा कि यह ‘स्मार्ट शहर’ है या सिर्फ ‘टूटी सड़को वाला शहर’! पूरब से पश्चिम तक जनता बदहाल: जनता के कर से अफ़सरों का मुनाफा?

पूर्वी अहमदाबाद के नागरिक पिछले कई सालों से टूटी-फूटी सड़कों, उफनते नालों और जलभराव से परेशान हैं। लेकिन अब शेला और बोपल जैसे पॉश इलाकों, जो करोड़पतियों और मध्यम वर्ग के नए घर हैं, को बदहाल बनाकर वहीवटदार ने साबित कर दिया है कि उनके पास सही योजना नाम की कोई चीज़ नहीं है।

शहर में यह गरमागरम बहस का विषय बन गया है कि चुनाव जीतने या कार्यालय में नए पार्षद बनने के बाद बड़ी आलीशान कारें, बंगले और आलीशान जीवन शैली कहाँ से आती है? सिर्फ़ 18,000 रुपये महीने के वेतन में इतना मज़ा और मनोरंजन कैसे मुमकिन है? गरीब और मध्यम वर्ग की मेहनत की कमाई से कर के पैसे से यह मुनाफ़ाखोरी और भ्रष्टाचार कब रुकेगा? वहीवटदार को तुरंत जागना चाहिए वरना ज़ोरदार आंदोलन के लिए तैयार रहना चाहिए! अहमदाबाद में भूमिगत मार्ग बंद होना, सड़कें बह जाना और सोसाइटियों में पानी घुसना जैसी घटनाएँ अब रोज़ की बात हो गई हैं। अगर एएमसी ने तुरंत शेला इलाके से पानी निकालने के लिए पंप नहीं लगाए और टूटी-फूटी सड़कों की मरम्मत नहीं की, तो यह तय है कि आने वाले दिनों में शेला समेत पूरे शहर के लोग सड़कों पर उतरकर नगर निगम के अधिकारियों और अधिकारियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करेंगे।

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