जामिया मिलिया इस्लामिया के स्कूल हॉस्टल के खाने में छिपकली मिलने के आरोप के बाद हुए प्रदर्शन की जांच के लिए 4 सदस्यीय समिति बनाई गई है। प्रशासन के अनुसार शुरुआती जांच में दाल में छिपकली नहीं बल्कि गिरगिट मिला था। समिति CCTV फुटेज की जांच करेगी।
खाने में छिपकली मिलने के आरोप पर स्टूडेंट्स ने किया था प्रदर्शन
नई दिल्ली: जामिया मिलिया इस्लामिया ने दो दिन पहले स्कूल हॉस्टल के खाने में छिपकली मिलने के आरोप पर स्टूडेंट्स के वीसी ऑफिस के बाहर प्रदर्शन में साजिश होने का अंदेशा जताया है। पूरे मामले की जांच के लिए एक 4 सदस्यीय समिति का गठन किया गया है। यह समिति स्कूल हॉस्टल की मेस के सीसीटीवी फुटेज की जांच करेगी। सरकारी जांच एजेंसियों की मदद से सच्चाई का पता लगाएगी।
शुक्रवार देर रात जामिया के स्कूल हॉस्टल के स्टूडेंट्स सड़कों पर उतर आए थे। उन्होंने वीसी ऑफिस का घेराव किया था। उनका आरोप था कि खाने में छिपकली निकली है, लेकिन जामिया प्रशासन की ओर से की गई प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह छिपकली नहीं एक गिरगिट था। दाल की कटोरी में यह पाया गया था।
खाने में छिपकली मिलने के आरोप पर स्टूडेंट्स ने किया था प्रदर्शन
जामिया के एक अधिकारी ने कहा कि सीसीटीवी फुटेज में हॉस्टल में रहने वाला एक स्टूडेंट अपनी दाल की कटोरी को खाने की मेज के नीचे ले जाते हुए दिखाई देता है। इसके बाद, स्टूडेंट के एक ग्रुप ने कथित तौर पर हंगामा किया। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने निर्णय लिया है कि समिति पूरे फुटेज की निष्पक्ष जांच करेगी, जिसमें घटना से पहले की परिस्थितियां और इसमें शामिल लोगों की भूमिका व कार्यों की समीक्षा शामिल होगी।
समिति करेगी पूरी जांच
यूनिवर्सिटी ने कहा कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना की सच्चाई सामने आएगी। समिति सीसीटीवी फुटेज और अन्य उपलब्ध तथ्यों की जांच के आधार पर अपनी रिपोर्ट तैयार करेगी।

