भोपाल के सुख सेवानिया थाना क्षेत्र के प्रेमनपुरा में एक कलयुगी बेटे ने बेरहमी से अपने 50 साल के पिता की कुल्हाड़ी से काटकर हत्या कर दी। बेरोजगार बेटा पिता द्वारा बार-बार काम मांगने से नाराज था। रात को जब पिता खाना खाकर लेटे थे, तब आरोपी ने उन पर हमला कर दिया।
भोपाल में बेरोजगार बेटे ने सोते समय पिता पर कुल्हाड़ी से किए ताबड़तोड़ वार
भोपाल: राजधानी से एक बेहद खौफनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। भोपाल के सुख सेवानिया थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले प्रेमनपुरा के बंजारा टोला में रविवार रात एक बेरोजगार बेटे ने अपने ही पिता की बेरहमी से हत्या कर दी। आरोपी बेटे ने सोते समय पिता पर कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ वार किए, जिससे उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। इस सनसनीखेज वारदात के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी हुई है।
क्यों हुआ था पिता-पुत्र के बीच खौफनाक विवाद?
पुलिस के मुताबिक, मृतक की पहचान 50 वर्षीय फूलसिंह नाथ के रूप में हुई है, जो अपनी पत्नी गुड्डी बाई (49) और बेटे धर्मेंद्र नाथ (30) के साथ बंजारा टोला, प्रेमनपुरा (भदभदा गांव) में रहते थे। मृतक की पत्नी गुड्डी बाई ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि फूलसिंह और उनके बेटे धर्मेंद्र के बीच अक्सर काम-धंधे को लेकर झगड़ा होता रहता था। पिता लगातार अपने बेरोजगार बेटे धर्मेंद्र को कोई काम ढूंढने के लिए कहते थे, लेकिन वह कुछ नहीं करता था।
रविवार रात करीब 9:30 बजे जब फूलसिंह ने एक बार फिर अपने बेटे को नौकरी खोजने की बात कही और गुस्से में पत्नी से कहा कि वह उसे खाना न परोसे, तो धर्मेंद्र आगबबूला हो गया।
झोपड़ी में लेटे थे पिता, अचानक हुआ कातिलाना हमला
घटना के वक्त फूलसिंह खाना खाने के बाद अपनी झोपड़ी में लेटे हुए थे। तभी गुस्से में अंधे हो चुके धर्मेंद्र ने कुल्हाड़ी निकाली और उन पर हमला बोल दिया। कुल्हाड़ी के वार फूलसिंह के हाथों, पैरों और पीठ पर पड़े, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर मौके पर ही गिर पड़े। हमले के बाद आरोपी बेटा मौके से फरार हो गया।
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परिजनों की सूचना पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और लहूलुहान हालत में फूलसिंह को अस्पताल ले गई, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
मृतक को कहते थे ‘शेर का शिकारी’
स्थानीय स्तर पर फूलसिंह को ‘शेर का शिकारी’ उपनाम से जाना जाता था, क्योंकि पूर्व में उनके द्वारा बिछाए गए एक जंगली सुअर के जाल में तेंदुआ फंसकर मर गया था। इस मामले में उन पर वन्यजीव अधिनियम के तहत मामला दर्ज हुआ था। चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी बेटा धर्मेंद्र भी वन्यजीव शिकार के एक मामले में आरोपी था और दोनों ही पिता-पुत्र करीब छह महीने पहले ही जेल से छूटकर बाहर आए थे। फिलहाल, सुख सेवानिया पुलिस हत्या की इस गुत्थी को सुलझाने के साथ-साथ फरार आरोपी की धरपकड़ के लिए लगातार दबिश दे रही है।

