महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से सह्याद्रि अतिथि गृह में मुलाकात की। एकनाथ शिंदे और अमित शाह की यह मुलाकात लगभग तीस मिनट तक चली। कहा जा रहा है कि दोनों के बीच मराठा कोटा और मनोज जरांगे आंदोलन को लेकर बात हुई।
मुंबई : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मुंबई पहुंचे थे। वह गेस्ट हाउस में रुके थे, तभी अचानक महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे उनसे मिलने पहुंच गए। उन्होंने अमित शाह से यहां सह्याद्रि गेस्ट हाउस में मुलाकात की। अमित शाह का यह मुंबई का बहुत संक्षिप्त दौरा था लेकिन इस दौरान एकनाथ शिंदे ने उनके साथ न सिर्फ मुलाकात की बल्कि दोनों के बीच लगभग 30 मिनट तक बात हुई। यह मुलाकात अहम मानी जा रही है।
एकनाथ शिंदे सुबह-सुबह ब्रेकफास्ट टाइम पर ही अमित शाह से मिलने पहुंच गए थे। शिंदे के सहयोगी ने बताया कि दोनों नेताओं के बीच बैठक लगभग 30 मिनट तक चली। इसके बाद एकनाथ शिंदे और अमित शाह एक ही गाड़ी में सवार होकर एशियाटिक सोसाइटी निकल गए। रास्ते में भी दोनों के बीच बातें हुईं।
एकनाथ शिंदे की अमित शाह की नजदीकियां?
सूत्रों की मानें तो महाराष्ट्र में बीते दिनों से लगातार चल रहीं तमाम तरह की उठापटक को लेकर एकनाथ शिंदे ने अमित शाह से बात की। सबसे बड़ा मुद्दा मराठा आंदोलन को लेकर उठा। अमित शाह से मामले में हल निकालने की शिंदे ने अपील की। कुछ लोगों का कहना है कि यह मुलाकात राजनीतिक मायने से खास है क्योंकि पिछले दिनों से एकनाथ शिंदे ही अमित शाह के साथ कई बार मुलाकात कर चुके हैं, जबकि देवेंद्र फडणवीस की अमित शाह के साथ इस तरह की खास मुलाकात नहीं हो रही है।
क्यों अहम है एकनाथ शिंदे और अमित शाह की मुलाकात
यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब मराठा आरक्षण के लिए आंदोलन चल रहा है और एक्टिविस्ट मनोज जारांगे ने 19 सितंबर से मुंबई में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल करने का ऐलान किया है। शिंदे नीत शिवसेना राज्य की ‘महायुति’ सरकार में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की एक अहम सहयोगी है।
अमित शाह क्यों पहुंचे मुंबई
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह दिन में मुंबई पहुंचे थे ताकि एशियाटिक सोसाइटी में एक कार्यक्रम को संबोधित कर सकें। वह एकनाथ शिंदे के साथ यहां पहुंचे और सोसायटी की प्राचीन ग्रंथ संपदा, अभिलेखीय संग्रह और सिक्कों पर आधारित विशेष प्रदर्शनी ‘श्री गणेश ज्ञानारती’ का अवलोकन किया।
एशियाटिक सोसायटी के अध्यक्ष ने कहा कि आज सबसे बड़ी खुशी की बात यह है कि उन्होंने हम सभी को आशीर्वाद दिया और कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा का प्रकाश लंबे समय तक विश्व में फैले, इसलिए आप लोग काम करते रहिए।

