उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने ‘दिल्ली बिल्डिंग वर्कर्स हेल्थ स्कीम’ को मंजूरी दे दी है।
नई दिल्ली: दिल्ली में रजिस्टर्ड बिल्डिंग एंड कंस्ट्रक्शन लेबर और उनके परिवारों को अब इलाज के लिए कैशलेस स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी। LG तरनजीत सिंह संधू ने दिल्ली सरकार की दिल्ली बिल्डिंग वर्कर्स हेल्थ स्कीम को मंजूरी दे दी है। इससे दिल्ली में रजिस्टर्ड 2.7 लाख से अधिक निर्माण श्रमिकों को सालाना 2 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज, जबकि परिवार के लिए यह सीमा 10 लाख रुपये सालाना होगा।
रजिस्टर्ड श्रमिकों को मिलेगा कैशलेस इलाज
हेल्थ स्कीम में रजिस्टर्ड श्रमिकों और उनकी पत्नी के लिए इंश्योरेंस में सालाना हेल्थ चेकअप, कैशलेस OPD. जांच, दवाइयां, अस्पताल में भर्ती होने और इलाज शामिल होगा। इलाज सूचीबद्ध अस्पतालों के नेटवर्क के जरिए CGHS दरों पर उपलब्ध कराया जाएगा। इमरजेंसी में इलाज, बीमारियां, गंभीर और पुरानी बीमारियां, स्पेशलिस्ट द्वारा इलाज, मैटरनिटी स्वास्थ्य और पुनर्वास सेवाएं भी योजना में शामिल है।
साल भर में होंगी 12 से 13 जांचें
सालाना हेल्थ चेकअप में 12-13 तरह की जांच की जाएगी। योजना के अगर काम करने वाली जगह पर दुर्घटना या मेडिकल इमरजेंसी होने पर नजदीकी गैर-सूचीबद्ध अस्पताल में भी इलाज कराया जा सकेगा। ऐसे अस्पताल को इलाज की जरूरत पूरी होने तक सीमित अवधि के लिए अस्थायी रूप से सूचीबद्ध माना जाएगा।
राजधानी में तैनात की जाएगी मोबाइल मेडिकल यूनिट
इसके अलावा श्रमिकों को अस्पताल पहुंचाने और स्वास्थ्य जांच के लिए मोबाइल मेडिकल यूनिट तैनात की जाएंगी। एक हेल्पलाइन शुरू किया जाएगा, जो कि 24×7 काम करेगा। योजना को लागू करने के लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं में विशेषज्ञता रखने वाली प्रोजेक्ट इंप्लीमेटिंग एजेंसी नियुक्त की जाएगी।
योजना की निगरानी के लिए बनाई जाएगी कमेटी
एजेंसी का चयन क्वॉलिटी एंड कॉस्ट बेस्ड सिलेक्शन के जरिए होगा, जिसका कार्यकाल तीन साल का होगा। योजना के तहत एक डिजिटल सिस्टम भी बनाया जाएगा, जिसमे लाभार्थियों का रिकॉर्ड, मेडिकल हिस्ट्री और क्लेम की जानकारी दर्ज होगी। योजना की निगरानी के लिए बिल्डिंग वर्कर्स हेल्थ कमिटी बनाई जाएगी।

