आनंद विहार के कड़कड़डूमा में कम्युनिटी सेंटर के बाहर दोनों हाथों में पिस्टल लेकर ताबड़तोड़ फायरिंग करने वाला नकाबपोश शूटर दो दिन बाद भी पुलिस की पकड़ से बाहर है।
नई दिल्लीः आनंद विहार के कड़कड़डूमा कम्युनिटी सेंटर में गुरुवार देर रात दोनों हाथों में पिस्टल लेकर फायरिंग करने वाला शूटर पुलिस के लिए पहेली बना हुआ है। शाहदरा जिला पुलिस के अलावा स्पेशल सेल और क्राइम ब्रांच के तेजतर्रार अधिकारी भी दो दिन बीतने के बावजूद मामले को सुलझा नहीं पाए है।
पूछताछ के बाद भी नहीं मिला कोई सुराग
फायरिंग में जख्मी अफसर उर्फ बादशाह और मोहम्मद इरशाद कुरैशी से कई राउंड पूछताछ हो चुकी है। हाइपर कैफे के स्टाफ और पार्टी में गए पीड़ितों के दोस्तों से भी पूछताछ की गई है लेकिन अभी तक कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा है।
इरशाद के बयान पर दर्ज हुआ केस
पुराना सीलमपुर निवासी इरशाद के बयान पर कातिलाना हमला और आर्म्स एक्ट का केस दर्ज किया गया है। इरशाद ने बताया कि उसका स्क्रैप का काम है। वह दोस्तों के साथ 10 सितंबर की रात 11 बजे स्कॉर्पियो से हाइपर कैफे पहुंचा था। खाने-पीने के बाद सभी रात 1:30 बजे वहां से निकले और एक खाली जगह पर टॉयलेट करने लगे।
घटना को अंजाम देने के बाद फरार हुए आरोपी
इसी दौरान कैफे से अफसर भी वहां आकर खड़ा हो गया। तभी स्कूटर सवार दो युवक वहां पहुंचे और अफसर की तरफ गोलियां चलाने लगे। गोली लगने से वह और अफसर दोनों गिर पड़े। इसके बाद बदमाश स्कूटर से फरार हो गए।
ये पता लगाने की कोशिश कर रही पुलिस
सूत्रों के मुताबिक, मुराद नगर के रहने वाले अफसर ने बताया कि नकाबपोश शूटरों के टारगेट पर वह नहीं, बल्कि इरशाद था। पुलिस यह समझने की कोशिश कर रही है कि शूटर किसी को मारने आए थे या उनका मकसद सिर्फ दहशत फैलाना था। सीसीटीवी ट्रेल खंगालने पर स्कूटर कड़कड़ी मोड़ के पास गायब मिला है। पुलिस को मौके से 2 गोलियां और 11 खोल मिले हैं। उत्तराखंड रजिस्ट्रेशन नंबर वाली स्कॉर्पियो से फॉरेंसिक साइंस लैब ने सैंपल भी उठाए है। अफसर की हालत अभी नाजुक बताई जा रही है।
अब डंप डेटा का किया जा रहा है इंतजार
पुलिस सूत्रो के अनुसार, पीड़ितो, उनके दोस्तों और कैफे चलाने वालो से पूछताछ के अलावा लोकल इंटेलिजेंस और सीसीटीवी कैमरो की ट्रेल से अब तक कोई सटीक सुराग नहीं मिला है। गैंगस्टर राशिद केबलवाला के एंगल से भी जांच हो रही है। संदिग्धों के कॉल डिटेल, इंटरनेट प्रोटोकॉल डिटेल रिकॉर्ड और मौके पर सक्रिय फोनों का डंप डेटा निकलवाया गया है।

