गैंगस्टर हाशिम बाबा ने सेंट्रल जेल नंबर-2 में खुद के ऊपर खतरा बताया और किसी दूसरी जेल में शिफ्ट करने की गुहार लगाई थी। अब अदालत ने अपील पर अमल करते हुए 72 घंटे के भीतर किसी दूसरी जेल में शिफ्ट करने का आदेश जारी कर दिया है।
नई दिल्ली: गैंगस्टर हाशिम बाबा ने सेंट्रल जेल नंबर-2 से शिफ्ट करने की गुहार लगाई थी। तिहाड़ की इस जेल में विरोधी गिरोह से जुड़े गैंगस्टरों के होने से जान को गंभीर खतरा बताया था। पटियाला हाउस कोर्ट ने सुरक्षा को लेकर जताई आशंका के मद्देनजर 7 सितंबर को 72 घंटे के भीतर किसी अन्य जेल में शिफ्ट करने का आदेश दिया। जेल प्रशासन को 15 सितंबर को अनुपालन रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए गए।
बहरहाल, गुरुवार को खबर लिखे जाने तक बाबा को शिफ्ट नहीं किया गया था। जीके-1 में नादिर शाह के 2024 में हुए मर्डर के मामले में 7 सितंबर को बाबा के वकीलों ने अदालत को बताया कि कोर्ट ने 12 अगस्त 2026 को निर्देश दिया था कि उसे पूर्व सूचना दिए बिना आरोपी को दूसरी जेल में ट्रांसफर नहीं किया जाए। इसके बावजूद उसे सेंट्रल जेल-2 में शिफ्ट कर दिया गया। इस जेल में विरोधी गैंग के सदस्य भी हैं, जिससे उसकी सुरक्षा को लेकर खतरा पैदा हो गया है।
वकीलों ने कहा- सेंट्रल जेल-2 को छोड़कर किसी भी जेल में शिफ्ट को तैयार
वकीलों ने कोर्ट को कहा कि वो सेंट्रल जेल-2 को छोड़कर किसी भी दूसरी जेल में शिफ्ट किए जाने के लिए तैयार है। अदालत ने जेल प्रशासन को बाबा को सेंट्रल जेल-2 से किसी अन्य उपयुक्त जेल में ट्रांसफर करने का निर्देश दिया। अडिशनल सेशन जज सौरभ प्रताप लालेर जेल से रची थी। सूत्रों के मुताबिक, लॉरेस के विरोधी बबीहा ग्रुप से जुड़े गैंगस्टर नीरज बवानिया और नवीन बाली भी सेंट्रल जेल-2 में ही है। इसलिए बाबा की तरफ से कोर्ट मे जेल बदलने की गुहार लगाई गई थी।
72 घंटे के भीतर किसी अन्य जेल में शिफ्ट किया जाए: कोर्ट
कोर्ट ने जेल प्रशासन को ऑर्डर दिया कि आदेश मिलने के 72 घंटे के भीतर हाशिम को किसी अन्य जेल में शिफ्ट किया जाए। अगली सुनवाई 15 सितंबर को होगी और जेल प्रशासन को इस आदेश के अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने को कहा गया है। सूत्रों के मुताबिक, बाबा सेंट्रल जेल-1 में बंद था, जिसे 27 अगस्त को जेल-2 भेजा गया था।

