भोपाल एम्स में भर्ती विकास चौधरी को आठ सितंबर को ब्रेन डेड घोषित किया गया। परिजनों ने उनके अंग को दान करने का फैसला किया। इसके बाद चार लोगों को नई जिंदगी मिली है। उनका दिल इराक में धड़केगा।
हाइलाइट्स
भोपाल एम्स में 53 वर्षीय विकास चौधरी को ब्रेन डेड घोषित किया गया
परिजनों की सहमति से उनके चार अंग किया गया दान
विकास का दिल इराक के एक व्यक्ति को दिया गया, वह चेन्नई में था भर्ती
एम्स परिसर में विकास चौधरी को दिया गया गार्ड ऑफ ऑनर
भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी स्थित एम्स में इलाजरत विकास को ब्रेन डेड घोषित किया गया था। इसके बाद परिजनों ने अंगदान करने की सहमति प्रदान की। लिवर, दोनों किडनी और दिल दान किया गया है। उनके अंगों से चार लोगों को नई जिंदगी मिली है। विकास का दिल इराक के एक व्यक्ति के सीने में धड़केगा, वह चेन्नई के अस्पताल में भर्ती है।
ब्रेन हैमरेज के बाद अस्पताल में हुए थे भर्ती
दरअसल, भोपाल के रहने वाले 53 वर्षीय विकास चौधरी ब्रेन हैमरेज के बाद एम्स में भर्ती हुए थे। चार सितंबर को उनका ब्रेम हैमरेज हुआ था। एम्स में भर्ती होने के बाद उनमें कोई सुधार नहीं हुआ। इसके बाद आठ सितंबर को उन्हें ब्रेनडेड घोषित कर दिया गया है।
परिवार ने अंगदान का निर्णय लिया
ब्रेन डेड घोषित होना उनके परिवार के लिए किसी सदमे से कम नहीं था। दुख की इस घड़ी में भी उनके परिवार के लोगों ने बड़ा साहस दिखाया है। इस मौके पर बेटे मासूम चौधरी, भाई राजेश चौधरी समेत अन्य परिजनों ने उनके अंगदान की सहमति दी।
चार लोगों को नई जिंदगी मिली
परिवार की सहमति के बाद उनके अंग निकालने की प्रक्रिया 10 सितंबर को शुरू की गई। उनका हार्ट, लिवर और दोनों किडनी दान किया गया है। इससे चार लोगों को नई जिंदगी मिली है। हार्ड को चेन्नई, लिवर को इंदौर और दोनों किडनी भोपाल के एक अस्पताल में भेजा गया।
अस्पताल में दिया गया गार्ड ऑफ ऑनर
बीते दिनों सरकार ने निर्णय लिया था कि अंगदान करने वालों को गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाएगा। विकास चौधरी के शव को जब परिजनों को सौंपा जा रहा था तो भोपाल एम्स परिसर में उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया है।
इराक के व्यक्ति के सीने में धड़केगा का दिल
गौरतलब है कि विकास चौधरी का दिल भोपाल से चेन्नई एयर लिफ्ट करके भेजा गया। चेन्नई स्थित एमजीएम अस्पताल में एक इराक का मरीज भर्ती है। नोटो की व्यवस्था के अंतर्गत राष्ट्रीय स्तर पर वेटिंग लिस्ट में उसी मरीज का नाम शामिल था। इसकी वजह से उसे विकास का हार्ट अलॉट किया गया है।

