देश की राजधानी दिल्ली में हो रही मूसलाधार बारिश ने केंद्र सरकार और एयरपोर्ट अथॉरिटी के सारे दावों की हवा निकाल दी है। देश के सबसे एडवांस और अवॉर्ड-विनिंग माने जाने वाले इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (IGI) पर कुछ ही घंटों की बारिश में ऐसा पानी भर गया कि पूरा एयरपोर्ट कॉम्प्लेक्स स्विमिंग पूल बन गया। दुनिया भर से आने वाले टूरिस्ट के प्रति भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर की बड़ी लापरवाही सामने आई है।
सबसे शर्मनाक स्थिति हाई-टेक माने जाने वाले एयरपोर्ट के टर्मिनल-3 पर देखने को मिली। इंटरनेशनल फ्लाइट्स के लिए इस्तेमाल होने वाले इस टर्मिनल में पानी भर गया। पानी भरने की वजह से डिपार्चर, अराइवल, सिक्योरिटी चेक-इन एरिया और टिकटिंग काउंटर घुटनों तक पानी से भर गए। डोमेस्टिक और इंटरनेशनल पैसेंजर अपने महंगे सामान और सूटकेस को पानी में भीगकर पैदल चलने को मजबूर हुए। टर्मिनल में चारों तरफ पानी भरने से भारी भगदड़ मच गई और पैसेंजर्स में गुस्सा फैल गया। एयरपोर्ट के रनवे, टैक्सीवे और एप्रन एरिया में पानी भरने से एयर ट्रैफिक पूरी तरह से रुक गया। विजिबिलिटी कम होने और रनवे में पानी भरने से दर्जनों डोमेस्टिक और इंटरनेशनल फ्लाइट्स रुक गईं। कई फ्लाइट्स को जयपुर, लखनऊ और अहमदाबाद जैसे पास के एयरपोर्ट्स पर डायवर्ट करना पड़ा, जबकि कुछ फ्लाइट्स घंटों के लिए कैंसिल करनी पड़ीं। इस वजह से हजारों पैसेंजर्स घंटों तक भूखे-प्यासे एयरपोर्ट के अंदर फंसे रहे।
एयरपोर्ट के अंदर तैरते सामान, टपकती छतों और वॉटर बम के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पूरे देश में काफी गुस्सा है। अरबों रुपये की लागत से बने इस ग्लोबल हब का सीवरेज और ड्रेनेज सिस्टम पूरी तरह से फेल हो गया है। हर साल मानसून में ऐसी ही स्थिति पैदा होने के बावजूद, कोई ठोस परमानेंट सॉल्यूशन नहीं निकाला गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, सभी एयरलाइन कंपनियों ने पैसेंजर्स के लिए एक स्पेशल एडवाइजरी जारी की है और उनसे एयरपोर्ट पहुंचने से पहले अपनी फ्लाइट्स का स्टेटस चेक करने की रिक्वेस्ट की है। देश की राजधानी में इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर इस अफरा-तफरी ने एयरपोर्ट मैनेजमेंट और सिविल एविएशन मिनिस्ट्री की मानसून से पहले की परफॉर्मेंस की पोल खोल दी है।

