मोरबी जिले में सूदखोरी के जाल में एक और बेगुनाह की बलि चढ़ गई। चरड़वा गांव के सूदखोरों की अमानवीय परेशानी और जबरन वसूली से तंग आकर मोरबी जिले के एक BJP नेता ने गला रेतकर आत्महत्या कर ली, जिससे पूरे इलाके में भारी हंगामा मच गया।
3.50 लाख के बदले 7% ब्याज और कार भी जब्त
मिली जानकारी के मुताबिक, स्थानीय BJP नेता ने चरड़वा के सूदखोरों से 7% की ऊंची ब्याज दर पर 3 लाख 50 हजार रुपये जरूरत के लिए लिए थे। समय पर ब्याज चुकाने के बावजूद सूदखोरों की भूख नहीं मिटी। ब्याज के चक्कर में फंसे नेता के पास जब पैसे खत्म हो गए तो सूदखोरों ने उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। इतने पर भी नहीं रुके, सूदखोर हमलावर हो गए और जबरन उनकी चार पहियों वाली कार जब्त कर ली।
धमकियों और लगातार मेंटल टॉर्चर से हारे नेता
7 परसेंट ब्याज मिलने के बावजूद सूदखोर लगातार पैसे ऐंठ रहे थे और उन्हें सबके सामने बेइज्जत करने की धमकी दे रहे थे। सूदखोरों की इस लगातार मेंटल टॉर्चर और दबाव से तंग आकर, कोई रास्ता न देखकर आखिरकार BJP नेता ने आत्महत्या जैसा जानलेवा कदम उठा लिया।
पुलिस सिस्टम पर उठे गंभीर सवाल
जब सत्ताधारी पार्टी का जिला स्तर का नेता खुद सूदखोरों की टॉर्चर से परेशान होकर अपनी जान देने को मजबूर हो जाए, तो आम लोगों की सुरक्षा पर बड़े सवालिया निशान खड़े होते हैं। होम डिपार्टमेंट सूदखोरों के खिलाफ चाहे कितने भी कैंपेन चला रहा हो, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि सूदखोर अब भी बेरहमी से लोगों की जान ले रहे हैं।
लोकल पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर लिया है और बेकसूर नेता को आत्महत्या के लिए मजबूर करने वाले सूदखोरों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करने की प्लानिंग कर रही है।

