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इंदौर में राहुल गांधी के कार्यक्रम को नहीं मिली परमिशन, नेहरू स्टेडियम पर विवाद, आमने-सामने आए बीजेपी-कांग्रेस

मध्य प्रदेश के इंदौर में राहुल गांधी के प्रस्तावित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को एक हफ्ते के लिए टाल दिया गया है। इंदौर नगर निगम और मोहन यादव सरकार द्वारा नेहरू स्टेडियम में कार्यक्रम की अनुमति देने से इनकार करने के बाद कांग्रेस ने यह फैसला लिया है। अब यह बड़ा छात्र संवाद कार्यक्रम 19 सितंबर को आयोजित किया जाएगा, जिसके लिए नए वेन्यू की तलाश जारी है।

इंदौर: शहर में राहुल गांधी का बहुप्रतीक्षित छात्र संवाद कार्यक्रम फिलहाल टाल दिया गया है। मोहन यादव सरकार की तरफ से नेहरू स्टेडियम में आयोजन की अनुमति न मिलने के बाद कांग्रेस पार्टी ने अपनी रणनीति में बदलाव किया है। अब यह कार्यक्रम 12 सितंबर के बजाय 19 सितंबर को आयोजित किया जाएगा, हालांकि नए वेन्यू को लेकर माथापच्ची अभी भी जारी है।

राजनीतिक गलियारों में इस इनकार को एक नए टकराव के तौर पर देखा जा रहा है। कांग्रेस पार्टी लगातार शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा में धांधली और बेरोजगारी के मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की कोशिश कर रही है। ऐसे में इंदौर में 50 हजार से अधिक छात्रों को जुटाने का यह प्लान फिलहाल प्रशासनिक पेचीदगियों में उलझ गया है।

क्यों रद्द हुई नेहरू स्टेडियम की परमिशन?

कांग्रेस नेताओं ने इंदौर के केंद्रीय स्थान पर स्थित नेहरू स्टेडियम को बुक करने की मांग की थी। पार्टी का तर्क था कि ‘छत्रों की गूंज’ कोई आम राजनीतिक रैली नहीं है, बल्कि छात्रों के भविष्य और शिक्षा के अधिकारों पर खुली चर्चा है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र लिखकर इस बात की सफाई भी दी थी कि यह कार्यक्रम युवाओं के सपनों और शिक्षा प्रणाली की सुरक्षा से जुड़ा है।

दूसरी तरफ, नगर निगम और प्रशासन का रुख पूरी तरह अलग रहा है। नगर आयुक्त क्षितिज सहगल ने स्पष्ट किया था कि स्टेडियम के इस्तेमाल को लेकर हाईकोर्ट के पुराने दिशा-निर्देशों का पालन करना अनिवार्य है।

मेयर और प्रशासन का क्या है कहना?

इंदौर के मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने इस मामले पर स्थिति साफ करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का स्पष्ट आदेश है कि नेहरू स्टेडियम का इस्तेमाल केवल खेल गतिविधियों या राज्य स्तर के सरकारी कार्यक्रमों के लिए ही किया जा सकता है। सरकार की दलील है कि यह किसी राजनीतिक विरोध के कारण नहीं, बल्कि अदालती निर्देशों के पालन से जुड़ा हुआ मामला है।

इसके बावजूद स्थानीय कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि प्रशासन सत्ताधारी दल के दबाव में काम कर रहा है। इंदौर शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने दावा किया कि अधिकारी राहुल गांधी के इस कैंपेन से घबराए हुए हैं, इसी वजह से स्टेडियम किराए पर देने से आपत्ति जताई जा रही है।

कार्यक्रम की नई तारीख अब 12 सितंबर की बजाय 19 सितंबर तय की गई है।
कांग्रेस पार्टी इंदौर और आसपास के जिलों से लगभग 50,000 छात्रों को जुटाने की तैयारी में है।
यह कैंपेन इससे पहले कोटा, देहरादून, प्रयागराज और पुणे जैसे शहरों में भी आयोजित किया जा चुका है।
आयोजन का मुख्य उद्देश्य युवाओं के बीच बेरोजगारी, पेपर लीक और महंगी शिक्षा के मुद्दों को उठाना है।

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