मध्यप्रदेश के रीवा में बेखौफ चोरों ने एक बड़ी वारदात को अंजाम दिया है। अपर जिला न्यायाधीश के घर में लगे चंदन के पेड़ को काट लिए हैं। इसके बाद वीवीआईपी इलाके की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
हाइलाइट्स
रीवा के वीवीआईपी इलाके में घुसे चोर
जज के घर से चंदन के पेड़ काट ले गए
पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
घटना के बाद जांच में जुटी रीवा पुलिस
रीवा में वीआईपी सिविल लाइन इलाके की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जिले के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले इलाके में चोरों ने रात के अंधेरे में चंदन के पेड़ों पर कुल्हाड़ी चला दी। चोर अपर जिला न्यायाधीश आशीष शुक्ला के बंगले के पास और एफ-3 में एसएन तिवारी के परिसर से चंदन के पेड़ काटकर ले गए।
सिविल लाइन इलाके में कई वीवीआईपी लोगों के आवास
खास बात यह है कि सिविल लाइन इलाके में कमिश्नर, कलेक्टर, एसपी और न्यायिक अधिकारियों समेत जिले के कई वरिष्ठ अधिकारियों के आवास हैं। ऐसे हाई-सिक्योरिटी इलाके में चोरों द्वारा बेखौफ होकर पेड़ काटकर ले जाने की घटना ने रात्रिकालीन सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
रात के अंधेरे में काटे चंदन के पेड़
बताया जा रहा है कि चोरों ने पहले अपर जिला न्यायाधीश आशीष शुक्ला के बंगले के बगल वाले परिसर को निशाना बनाया। यहां से चंदन के पेड़ काटे गए। इसके बाद एफ-3 में एसएन तिवारी के परिसर में भी चंदन के पेड़ों को काटकर चोर फरार हो गए।
रात के समय में पेड़ काटे चोर
घटना के तरीके से अंदाजा लगाया जा रहा है कि चोर रात के समय इलाके में पहुंचे और बिना किसी डर के पेड़ों को काटकर ले गए। सबसे बड़ा सवाल यही है कि वीआईपी इलाके में जब चोर चंदन के पेड़ों की कटाई कर रहे थे, तब सुरक्षा में तैनात पुलिस या निगरानी व्यवस्था को इसकी भनक क्यों नहीं लगी?
कमिश्नर-कलेक्टर और एसपी के आवास वाले इलाके में चोरी
सिविल लाइन रीवा का प्रमुख वीआईपी इलाका माना जाता है। यहां जिले के प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के अलावा न्यायिक अधिकारियों के आवास भी हैं। ऐसे में इस इलाके से चंदन के पेड़ चोरी होना सामान्य चोरी की घटना से ज्यादा गंभीर माना जा रहा है।

