गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन में एयरोसिटी बसाने की तैयारी तेज हो गई है। जमीन अधिग्रहण पर 2812 करोड़ रुपये खर्च का अनुमान है।
गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) की राजनगर एक्सटेंशन में प्रस्तावित एयरोसिटी योजना के लिए बुधवार को भूमि अधिग्रहण की अधिसूचना जारी हो सकती है। इसके बाद संबंधित जमीन मालिकों से आपत्तियां और सुझाव मांगे जाएंगे। एयरोसिटी के लिए भूमि जुटाने के प्रस्ताव को जीडीए बोर्ड पहले ही मंजूरी दे चुका है। इसके साथ ही परियोजना के लिए जमीन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया का अगला चरण शुरू होगा।
एयरोसिटी के लिए मोरटी, अटौर और मेवला अगरी गांवों की करीब 200 हेक्टेयर जमीन प्रस्तावित है। जीडीए के आकलन के मुताबिक, जमीन जुटाने पर करीब 2812 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। प्राधिकरण की योजना लैंड पूलिंग के जरिए जमीन लेने की है। इसके लिए किसानों से सहमति बनाने का प्रयास किया जाएगा। यदि सहमति नहीं बनती है तो जमीन लेने के लिए निर्धारित अन्य विकल्पों के तहत प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
गांव के हिसाब से जमीन की दर तय
प्राधिकरण ने जमीन की दर भी गांव के हिसाब से प्रस्तावित की है। अटौर में 14,520 रुपये प्रति वर्ग मीटर, मोरटी में 17,400 रुपये प्रति वर्ग मीटर और मेवला अगरी में 3,200 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर प्रस्तावित है। इन दरों के आधार पर परियोजना के लिए आवश्यक धनराशि का आकलन किया गया है।
होटल और कॉमर्शियल हब
जीडीए उपाध्यक्ष नन्द किशोर कलाल ने बताया कि एयरोसिटी को आधुनिक व्यावसायिक केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। योजना में कॉमर्शियल हब के साथ होटल, कार्यालय और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों के लिए सुविधाएं शामिल हैं। प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम को भी एयरोसिटी क्षेत्र से जोड़ा गया है। इससे राजनगर एक्सटेंशन और आसपास के गांवों में आर्थिक एवं व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
लैंड पूलिंग से जमीन जुटाने की योजना
वीसी के मुताबिक, अधिसूचना जारी होने के बाद जमीन मालिक अपनी आपत्ति और सुझाव नियमानुसार दे सकेंगे। इसके बाद भूमि से संबंधित प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुसार आगे बढ़ाई जाएगी। जीडीए की प्राथमिकता लैंड पूलिंग के माध्यम से जमीन जुटाने की है और इसके लिए किसानों की सहमति लेने का प्रयास किया जाएगा

