अहमदाबाद : अहमदाबाद के पूर्वी इलाके के हॉस्पिटल एक बार फिर विवादों और गंभीर आरोपों से घिरे हुए हैं। नरोडा इलाके में रहने वाले एक रिटायर्ड PSI (पुलिस सब इंस्पेक्टर) के परिवार ने निकोल में मौजूद ‘अनंता हॉस्पिटल’ के डॉक्टर उत्सव और भावेश ठक्कर पर गंभीर और चौंकाने वाले आरोप लगाए हैं, जिससे पूरे मेडिकल जगत में भारी हंगामा मच गया है।
सीने में दर्द के इलाज में अड़ंगा लगाया गया, परिवार का आरोप है कि बॉक्स एक्सपायर हो चुका था!
पीड़ित परिवार के मुताबिक, सीने में दर्द की शिकायत के बाद मरीज को तुरंत इलाज के लिए निकोल के अनंता हॉस्पिटल में शिफ्ट किया गया। जहां ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों ने मरीज की गंभीर हालत बताते हुए दिल में ‘बैलून/स्टेंट’ लगाने की सलाह दी। मरीज़ की जान बचाने के लिए परिवार ने डॉक्टरों की सलाह मान ली और स्टेंट लगाने दिया।
हालांकि, परिवार ने इस पूरे प्रोसेस के दौरान हॉस्पिटल द्वारा इस्तेमाल किए गए स्टेंट/मेडिकल किट के बॉक्स पर सवाल उठाए हैं। परिवार का सीधा आरोप है कि डॉक्टरों द्वारा इस्तेमाल किया गया बॉक्स एक्सपायरी डेट पार कर चुका था!
मौत के बाद भी पैसे ऐंठने के लिए गलत इलाज जारी रखने का सनसनीखेज आरोप
परिवार का गुस्सा यहीं नहीं रुका। रिटायर्ड PSI के परिवार ने हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन और डॉक्टरों पर बेहद शर्मनाक आरोप लगाते हुए कहा है:
मरीज़ की मौत हो जाने के बाद भी डॉक्टरों ने सिर्फ़ स्टैटिस्टिकल बिल बढ़ाने और पैसे ऐंठने के लिए गलत इलाज जारी रखने का नाटक किया।
परिवार के साथ बुरा बर्ताव, बुलीइंग और मेंटल हैरेसमेंट किया गया।
परिवार पर लगातार बिल भरने का दबाव बनाया गया।
अनंता हॉस्पिटल की भूमिका सवालों के घेरे में
अगर एक रिटायर्ड पुलिस ऑफिसर के परिवार के साथ ऐसा है, तो आम लोगों का क्या? ऐसे तीखे सवाल अब पब्लिक में चर्चा में हैं:
- क्या वाकई अनंता हॉस्पिटल ने पैसे ऐंठने के लिए मरीज़ की मौत के बाद भी इलाज का ड्रामा जारी रखा?
- एक्सपायर हो चुकी चीज़ों के इस्तेमाल के आरोपों में कितनी सच्चाई है?
- क्या मेडिकल एथिक्स को ताक पर रखकर पैसे कमाने का खेल खेला जा रहा है?
फिलहाल, इस पूरी घटना का वीडियो और परिवार के आरोप सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। पीड़ित परिवार ने इस मामले की हाई-लेवल जांच और ज़िम्मेदार डॉक्टरों के खिलाफ़ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

