घटना के बाद लोगों में भारी आक्रोश, बड़ी संख्या में लोग पुलिस थाने पहुंचे; सीसीटीवी जांच कर 24 घंटे में आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग
साबरकांठा जिले के वडाली शहर से एक शर्मनाक और असामाजिक घटना सामने आई है। वडाली में स्थापित भारत रत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की पूर्णकद प्रतिमा से अज्ञात असामाजिक तत्वों द्वारा चश्मे चोरी किए जाने का मामला सामने आया है। संविधान निर्माता और करोड़ों लोगों के लिए श्रद्धेय डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा के साथ इस तरह की हरकत सामने आने के बाद बहुजन समाज सहित स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश फैल गया।
सामाजिक शांति और भाईचारा बिगाड़ने की कोशिश का आरोप
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह महज चोरी या तोड़फोड़ की सामान्य घटना नहीं है, बल्कि समाज में शांति, एकता और भाईचारा बिगाड़ने का सुनियोजित प्रयास भी हो सकता है। लोगों का आरोप है कि इस तरह की घटनाओं के जरिए समाज के अलग-अलग वर्गों के बीच तनाव पैदा कर अशांति फैलाने की कोशिश की जाती है।
जब किसी क्षेत्र में शांति और सौहार्द का माहौल होता है, तब असामाजिक तत्व महापुरुषों की प्रतिमाओं और सामाजिक प्रतीकों को निशाना बनाकर लोगों की भावनाओं को भड़काने का प्रयास कर सकते हैं। इसी वजह से स्थानीय नागरिकों ने पुलिस प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
वडाली पुलिस थाने में उमड़ी भीड़, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
घटना की जानकारी तेजी से फैलने के बाद वडाली शहर और आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में सामाजिक नेता और युवा प्रतिमा स्थल तथा वडाली पुलिस थाने पहुंचे। लोगों ने प्रशासन के सामने अपना विरोध दर्ज कराया और सार्वजनिक स्थानों पर स्थापित महापुरुषों की प्रतिमाओं की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए।
स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन के सामने प्रमुख मांगें रखीं—
24 घंटे में गिरफ्तारी की मांग: प्रतिमा स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच कर चश्मे चोरी करने वाले असामाजिक तत्वों की पहचान की जाए और 24 घंटे के भीतर उन्हें गिरफ्तार किया जाए।
कड़ी कानूनी कार्रवाई: आरोपियों के खिलाफ केवल चोरी का मामला दर्ज करने के बजाय, यदि जांच में सामाजिक शांति भंग करने या सांप्रदायिक वैमनस्य फैलाने का प्रयास सामने आता है तो संबंधित धाराओं में भी कड़ी कार्रवाई की जाए।
महापुरुषों की प्रतिमाओं की सुरक्षा: वडाली सहित पूरे साबरकांठा जिले में स्थापित महापुरुषों की प्रतिमाओं के आसपास रात्रि गश्त बढ़ाई जाए और स्थायी सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था की जाए।
कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी
सामाजिक नेताओं ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि मामले में ढिलाई बरती गई या आरोपियों की गिरफ्तारी में देरी हुई, तो पूरे साबरकांठा जिले में व्यापक विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। इसके साथ ही चक्काजाम जैसे आंदोलनात्मक कार्यक्रम किए जाने की चेतावनी भी दी गई है।
अब लोगों की नजर वडाली पुलिस की जांच पर है कि पुलिस सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक कितनी जल्दी पहुंचती है और डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की प्रतिमा से चश्मे चोरी करने की इस घटना में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।

