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रक्षाबंधन पर शराब की खुलेआम तस्करी! दक्षिण गुजरात में महिला बूटलेगर सक्रिय, एक्टिवा पर हजारों की शराब की हेराफेरी

सूरत-नवसारी में बेखौफ शराब तस्करी के आरोप, त्योहार के दिन भी नहीं थमा अवैध कारोबार

अहमदाबाद। पवित्र पर्व रक्षाबंधन के दिन दक्षिण गुजरात में शराब की अवैध हेराफेरी को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सूरत और नवसारी क्षेत्र में महिला बूटलेगरों द्वारा दोपहिया वाहनों के जरिए बड़ी मात्रा में अवैध शराब ले जाने के आरोप सामने आए हैं। आरोप है कि महिलाएं अपनी एक्टिवा जैसे वाहनों में हजारों रुपये की शराब भरकर एक शहर से दूसरे शहर तक आसानी से पहुंचा रही हैं।

यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब गुजरात में शराबबंदी को लेकर प्रशासन की ओर से लगातार सख्ती के दावे किए जाते हैं। सूरत और नवसारी को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सी.आर. पाटील और गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी का प्रभाव वाला क्षेत्र माना जाता है। ऐसे में इन इलाकों में कथित तौर पर खुलेआम शराब की हेराफेरी होने से पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।

महिला शक्ति का अवैध शराब कारोबार में इस्तेमाल

शराब तस्करों द्वारा महिलाओं का इस्तेमाल किए जाने की बात भी सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि पुलिस जांच के दौरान महिलाओं पर अपेक्षाकृत कम संदेह होने का फायदा उठाकर शराब तस्करी के नेटवर्क में उन्हें आगे किया जा रहा है।

रक्षाबंधन के दिन जहां आम लोग परिवार के साथ त्योहार मना रहे थे, वहीं आरोप है कि महिला बूटलेगर अपने दोपहिया वाहनों के जरिए शराब की खेप पहुंचाने में लगी हुई थीं। सूरत और नवसारी के प्रमुख मार्गों तथा चेकपोस्टों से शराब से भरे वाहन आसानी से निकल जाने के आरोप भी लगाए जा रहे हैं।

पुलिस के डर पर सवाल : शराबबंदी को लेकर सख्ती के दावे किए जाने के बावजूद कथित शराब तस्करों में पुलिस का भय दिखाई नहीं देने की बात कही जा रही है।

लठ्ठाकांड जैसी घटनाओं के बावजूद अवैध शराब कारोबार पर सवाल

गुजरात में अतीत में जहरीली शराब यानी लठ्ठाकांड की गंभीर घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिनमें कई लोगों की जान गई थी। इसके बावजूद राज्य में अवैध शराब की बिक्री और तस्करी पूरी तरह रुक नहीं पाने को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं।

स्थानीय नागरिकों में इस मामले को लेकर नाराजगी बताई जा रही है। कुछ लोगों ने आरोप लगाया है कि कथित राजनीतिक संरक्षण और अवैध वसूली के कारण शराब का काला कारोबार फल-फूल रहा है। लोगों का सवाल है कि यदि प्रभावशाली राजनीतिक क्षेत्रों में ही बड़े पैमाने पर शराब पहुंचाई जा रही है, तो आम जनता अपनी सुरक्षा को लेकर किससे उम्मीद रखे?

जनता ने उठाए तीखे सवाल, कार्रवाई की मांग

स्थानीय लोगों और विपक्ष की ओर से कथित शराब तस्करी के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की जा रही है। लोगों के प्रमुख सवाल हैं—त्योहार के दिन शराब की कथित हेराफेरी करने वाली महिला बूटलेगरों और उनके पीछे मौजूद मुख्य संचालकों के खिलाफ कार्रवाई कब होगी? क्या स्थानीय पुलिस की कथित मिलीभगत के बिना इतने बड़े स्तर पर शराब का नेटवर्क चल सकता है? केवल शराब ले जाने वालों पर कार्रवाई के बजाय पूरे नेटवर्क को संचालित करने वाले लोगों तक पुलिस कब पहुंचेगी?

स्थानीय जनता और विपक्ष की मांग है कि सूरत और नवसारी में कथित रूप से चल रही इन असामाजिक गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाई जाए। साथ ही त्योहारों के दौरान शराब का अवैध कारोबार करने वाले तत्वों के खिलाफ पासा सहित कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।

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