राजनांदगांव। जिले के छुरिया विकासखंड में प्राकृतिक सौंदर्य के बीच बसा धार्मिक स्थल ‘मोक्ष धाम सांकरदाहरा’ इन दिनों श्रद्धालुओं और पर्यटकों के बीच विशेष चर्चा में है। अपनी अलौकिक महिमा और धार्मिक मान्यताओं के कारण इसे ‘छत्तीसगढ़ का प्रयागराज’ कहा जाता है। दूर-दराज के राज्यों और जिलों से लोग यहाँ अपने दिवंगतों की आत्मा की शांति, पिंडदान और तर्पण के लिए पहुँच रहे हैं।
आस्था का केंद्र: कम खर्च में अंतिम इच्छा की पूर्ति
सांकरदाहरा की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहाँ अंतिम संस्कार के बाद की जाने वाली धार्मिक विधियाँ और पिंडदान बेहद सहज व कम खर्चे में संपन्न हो जाते हैं।
आत्मा की शांति का धाम: लोग अपने परिजनों की अंतिम इच्छा और मोक्ष की कामना लेकर यहाँ पहुँचते हैं।
बढ़ती जन-आस्था: बनारस या प्रयागराज जैसे बड़े धार्मिक स्थलों की तर्ज पर स्थानीय लोग सांकरदाहरा को समान दर्जा और पवित्रता देते हैं।
विकास कार्य तेज, पर पर्यटन स्थल के रूप में मास्टर प्लान की दरकार
छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा मोक्ष धाम सांकरदाहरा को पर्यटन स्थल का दर्जा दिए जाने के बाद यहाँ बुनियादी सुविधाओं का विस्तार शुरू हो चुका है। हालाँकि, जमीनी हकीकत बताती है कि इसे राज्य के मुख्य पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने के लिए अभी और प्रशासनिक प्रयासों की आवश्यकता है।
“सांकरदाहरा की प्राकृतिक सुंदरता और धार्मिक महत्व का संगम इसे राजनांदगांव जिले का सबसे बेहतरीन पिकनिक व आध्यात्मिक स्पॉट बना सकता है।”
पिकनिक स्पॉट और इको-टूरिज्म की अपार संभावनाएँ
महानगर मेट्रो की पड़ताल में सामने आया कि यह स्थल केवल धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित नहीं है:
मनोरम प्राकृतिक दृश्य: घने जंगलों, नदियों और हरी-भरी झाड़ियों के बीच बसा यह क्षेत्र प्रकृति प्रेमियों के लिए एक अद्भुत अनुभव प्रदान करता है।
पिकनिक स्पॉट की क्षमता: यदि यहाँ सौंदर्यकरण, बच्चों के पार्क, बैठने के शेड और सुरक्षित पहुँच मार्ग का निर्माण किया जाए, तो यह राजनांदगांव जिले का एक प्रमुख पिकनिक स्पॉट बन सकता है।
रोजगार के नए अवसर: पर्यटन के रूप में विकसित होने से स्थानीय ग्रामीणों और छोटे व्यापारियों को आजीविका का नया माध्यम मिलेगा।
‘महानगर मेट्रो’ की अपील
राज्य सरकार और पर्यटन विभाग को सांकरदाहरा के सर्वांगीण विकास के लिए एक विशेष बजट व कार्ययोजना तैयार करने की आवश्यकता है। बुनियादी सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण से न केवल श्रद्धालुओं को सहूलियत होगी, बल्कि राजनांदगांव जिला छत्तीसगढ़ के पर्यटन क्षेत्र में एक नया इतिहास रचेगा।

