खाने की चीज़ों की क्वालिटी, हाइजीन और फूड लाइसेंस की जांच; घरेलू गैस इस्तेमाल करने वाले दुकानदारों पर कार्रवाई, करीब तीन मटन की दुकानें और एक फरसाण की दुकान सील
पंकज पंडित झालोद : खाने की चीज़ों की क्वालिटी, हाइजीन और फूड सेफ्टी के नियमों का पालन पक्का करने के लिए प्रशासन और फूड डिपार्टमेंट की तरफ से झालोद नगर में मेगा ड्राइव चलाया गया। प्रोविंशियल ऑफिसर ए.के. भाटिया की गाइडेंस में इस ऑपरेशन के दौरान अलग-अलग फरसाण, स्नैक हाउस, होटल और मटन की दुकानों में इंटेंसिव इंस्पेक्शन किया गया।
इंस्पेक्शन के दौरान दुकानदारों को हर दिन फ्रिज साफ रखने, खाने की चीज़ें प्लास्टिक बैग में न रखने, एयरटाइट कंटेनर इस्तेमाल करने, दुकानों को हर दिन लिक्विड से साफ करने और पीने के पानी की प्योरिटी बनाए रखने की हिदायत दी गई। इसके साथ ही हर दुकान का फूड लाइसेंस भी चेक किया गया।
जांच के दौरान घरेलू गैस इस्तेमाल करने वाले कुछ दुकानदारों से गैस जब्त की गई। होटलों में पैक्ड फरसाण समेत खाद्य पदार्थों की पैकिंग और एक्सपायरी डेट की जांच की गई। नियमों का पालन नहीं करने और सफाई की कमी वाली दुकानों के खिलाफ नगरपालिका ने 1000 रुपये का जुर्माना लगाया।
इस मेगा ड्राइव के दौरान भरकादेवी, छासवाला, पटेल स्नैक हाउस, अंबिका स्नैक हाउस, मारुति होटल, जय अंबे डाइनिंग हॉल, सत्कार होटल, जोधपुर, जय हिंद, होटल श्री अन्नपूर्णा, जलाराम परोठा, श्री गणेश, पवन नमकीन, ज़ायका, यादचर, अल्ताफ, रानिया मटन शॉप और साजिद मटन सहित दुकानों में निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान यह भी पाया गया कि शहर के कुछ फरसाण और मटन की दुकानों के दुकानदार अपनी दुकानें बंद कर रहे थे। जांच के दौरान लगभग तीन मटन की दुकानें और एक फरसाण की दुकान को सील कर दिया गया। परमार, नगर पालिका की चीफ ऑफिसर वैशालीबेन निनामा, फूड सेफ्टी ऑफिसर उर्वीबेन एस. माल, डिप्टी ममलतदार इस कार्रवाई में मौजूद थे।
मटन दुकानों के लाइसेंस पर भी सवाल
झालोद शहर में चल रही मटन की कितनी दुकानों के पास ज़रूरी फूड लाइसेंस है और कितनी दुकानें नियमों का पालन किए बिना कारोबार कर रही हैं, इसकी गहन जांच करने की ज़रूरत है। खास तौर पर, बिना लाइसेंस चल रही मटन दुकानों के खिलाफ फूड डिपार्टमेंट कब कानूनी कार्रवाई करेगा, यह सवाल भी शहरवासियों के बीच उठ खड़ा हुआ है।
फूड डिपार्टमेंट की इस बड़ी कार्रवाई के बाद फूड बिजनेस से जुड़े व्यापारियों में हड़कंप मच गया और प्रशासन की तरफ से साफ-सफाई और फूड सेफ्टी के नियमों का पालन करने का सख्त संदेश दिया गया।

