राजनांदगांव। ममता नगर के वार्ड क्रमांक 18 की गली नंबर 5 में आम रास्ते को बंद किए जाने के विवाद ने अब गंभीर रूप ले लिया है। मोहल्लेवासियों का आरोप है कि रास्ते में अतिक्रमण किए जाने के कारण लंबे समय से लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही थी। स्कूल बस बच्चों के घरों तक नहीं पहुंच पा रही थी वहीं बुजुर्गों, बच्चों और अन्य वार्डवासियों को भी आने-जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। मामले में नगर निगम द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई किए जाने के बाद भी विवाद थमने के बजाय और बढ़ गया है।
मामले को लेकर नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष संतोष पिल्ले के नेतृत्व में पार्षद संगीता देवांगन एवं समस्त मोहल्लेवासियों ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर तत्काल उचित कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में नूतन साहू, भोला राम साहू एवं उनके परिवार के सदस्यों पर रास्ते से गुजरने वाले लोगों के साथ कथित रूप से गाली-गलौज करने तथा जान से मारने की धमकी देने के आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ताओं ने बताया कि आम रास्ते को लेकर मोहल्लेवासियों की मांग के बाद नगर निगम द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई थी। इसी दौरान नगर निगम की संपत्ति को क्षतिग्रस्त करने और निगम के वाहन चालक पर हमला किए जाने के मामले में नूतन साहू एवं परिवार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई थी। मोहल्लेवासियों का आरोप है कि एफआईआर दर्ज होने के बावजूद संबंधित लोगों के खिलाफ अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई है। ज्ञापन में कहा गया है कि कार्रवाई नहीं होने से मोहल्ले का वातावरण लगातार खराब हो रहा है। शिकायतकर्ताओं ने आशंका जताई कि यदि समय रहते मामले में पुलिस ने हस्तक्षेप नहीं किया तो भविष्य में किसी बड़ी घटना की स्थिति निर्मित हो सकती है।
लोगों ने पुलिस प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है। मोहल्लेवासियों ने यह भी आरोप लगाया कि रास्ते में दरवाजे का मलबा अब भी सड़क पर रखा हुआ है, जिसके कारण आने-जाने वाले लोगों को परेशानी हो रही है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से सड़क पर पड़े मलबे को तत्काल हटवाने तथा आम रास्ते को सुचारू कराने की मांग की है। ज्ञापन के माध्यम से पुलिस अधीक्षक से दर्ज एफआईआर पर तत्काल उचित कार्रवाई करने, रास्ते में बाधा उत्पन्न करने वाले मलबे को हटवाने, विवाद की स्थिति को नियंत्रित करने तथा मोहल्लेवासियों को सुरक्षा प्रदान करने का आग्रह किया गया है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि आम रास्ते का उपयोग सभी नागरिकों के लिए सुगम होना चाहिए और किसी भी व्यक्ति को धमकी या दबाव के जरिए लोगों के आवागमन में बाधा डालने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। मामले में अब पुलिस कार्रवाई पर मोहल्लेवासियों की नजर बनी हुई है। शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

