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डभोई-बोडेली हाईवे को फोरलेन बनाने की प्रक्रिया तेज, सीमलिया गांव की 16 हेक्टेयर से अधिक जमीन होगी अधिग्रहित

राज्य सरकार ने जारी किया आधिकारिक अधिसूचना पत्र, 29.80 से 45 किलोमीटर तक सड़क का होगा विस्तार; जाम और दुर्घटनाओं की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद

डभोई। वडोदरा जिले के डभोई और आसपास के क्षेत्रों के लाखों लोगों के लिए राहत भरी खबर है। डभोई-बोडेली राज्य राजमार्ग-11 को आधुनिक चार मार्गीय सड़क में विकसित करने की महत्वाकांक्षी योजना अब आगे बढ़ने लगी है। इसके लिए राज्य सरकार ने भूमि अधिग्रहण की आधिकारिक प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसी क्रम में डभोई तालुका के सीमलिया गांव की 16 हेक्टेयर से अधिक जमीन अधिग्रहित करने के लिए राजस्व विभाग की ओर से अधिसूचना जारी की गई है। इस कदम से लंबे समय से प्रस्तावित फोरलेन परियोजना के धरातल पर उतरने की उम्मीद बढ़ गई है।

29.80 से 45 किलोमीटर तक होगा सड़क का विस्तार

जानकारी के अनुसार, डभोई-बोडेली मार्ग पर लगातार बढ़ते यातायात के कारण आए दिन जाम और दुर्घटनाओं की समस्या सामने आती रही है। इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए सरकार ने राज्य राजमार्ग के किलोमीटर 29.80 से 45.00 तक के हिस्से को चार मार्गीय बनाने की योजना तैयार की है। परियोजना के लिए सीमलिया गांव की सीमा में कुल 16 हेक्टेयर और 75 वर्ग मीटर जमीन अधिग्रहित की जाएगी। राज्य के राजस्व विभाग की ओर से अधिसूचना जारी होने के बाद भूमि अधिग्रहण से जुड़ी प्रशासनिक प्रक्रिया आगे बढ़ने का रास्ता साफ हुआ है।

कानूनी प्रक्रिया में विशेष छूट का प्रावधान

भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम-2013 के तहत की जाएगी। हालांकि, परियोजना में अनावश्यक देरी रोकने के लिए गुजरात संशोधन अधिनियम-2016 के विशेष प्रावधानों का उपयोग किया गया है। इसके तहत अधिग्रहित की जाने वाली जमीन को अधिनियम के अध्याय-2 और 3 की कुछ व्यवस्थाओं से छूट दी गई है। इनमें सामाजिक प्रभाव आकलन और खाद्य सुरक्षा से संबंधित प्रावधान शामिल हैं। सरकार ने सार्वजनिक हित और बुनियादी ढांचे के विकास को ध्यान में रखते हुए यह व्यवस्था लागू की है।

जाम और दुर्घटनाओं से मिलेगी राहत

डभोई-बोडेली मार्ग पर व्यावसायिक वाहनों, निजी गाड़ियों और राज्य परिवहन की बसों का भारी दबाव रहता है। मौजूदा सड़क की सीमित चौड़ाई के कारण वाहन चालकों को कई बार जाम और दुर्घटनाओं का सामना करना पड़ता है। फोरलेन बनने के बाद मध्य गुजरात और आदिवासी क्षेत्रों के बीच सड़क संपर्क अधिक सुगम होने की उम्मीद है। इससे यात्रा का समय कम होने के साथ वाहनों की आवाजाही भी अधिक सुरक्षित हो सकेगी।

अब मुआवजे और आगे की कार्रवाई पर नजर

अधिसूचना जारी होने के बाद अब भूमि मालिकों और किसानों को उचित मुआवजा देने सहित अधिग्रहण की आगामी प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी करने की तैयारी है। लंबे समय से प्रतीक्षित इस परियोजना में भूमि अधिग्रहण का कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब क्षेत्र के लोगों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जमीन अधिग्रहण और अन्य औपचारिकताएं कितनी तेजी से पूरी होती हैं और फोरलेन निर्माण का काम कब शुरू होता है।

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