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अहमदाबाद : मणिनगर में 1.10 करोड़ रुपए में दुकान बेचकर बिल्डर भाइयों ने की धोखाधड़ी, प्रोजेक्ट पर करोड़ों का कर्ज छिपाकर खरीदार को लगाया चूना

अहमदाबाद। शहर के मणिनगर इलाके से रियल एस्टेट कारोबार में धोखाधड़ी का एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां चर्चित ‘तक्षशिला क्रेस्ट’ व्यावसायिक परियोजना में दुकान बेचने के नाम पर बिल्डर भाइयों पर 1.10 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी करने का आरोप लगा है। आरोप है कि दुकान पर पहले से ही करोड़ों रुपए के परियोजना ऋण का बोझ था, लेकिन बिल्डरों ने यह महत्वपूर्ण जानकारी खरीदार से छिपा ली। पूरी रकम लेने के बाद दुकान की विधिवत बिक्री का दस्तावेज भी पंजीकृत करवा दिया गया। बाद में वित्तीय कंपनी ने दुकान को सील कर दिया, जिसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ। इस संबंध में मणिनगर पुलिस थाने में दोनों बिल्डर भाइयों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

जानकारी के अनुसार, मणिनगर इलाके में कमलेश गोंडलिया और राजेश गोंडलिया नामक बिल्डर भाइयों ने ‘तक्षशिला क्रेस्ट’ नाम से एक व्यावसायिक परियोजना विकसित की थी। इसी परियोजना में स्थित एक दुकान खरीदने के लिए रिकीश मिस्त्री ने बिल्डरों के साथ सौदा तय किया था। आरोप है कि खरीदार ने बिल्डरों की सभी शर्तों के अनुसार दुकान की पूरी कीमत 1.10 करोड़ रुपए समय पर चुका दी थी। रकम का पूरा भुगतान होने के बाद दुकान की विधिवत बिक्री का पंजीकृत दस्तावेज भी तैयार करवाया गया। खरीदार को लगा कि उसने अपनी मेहनत की कमाई से कानूनी रूप से संपत्ति खरीद ली है, लेकिन बाद में उसके सामने धोखाधड़ी का खुलासा हुआ।

सौदा पूरा होने और दुकान का कब्जा मिलने के कुछ समय बाद आदित्य बिड़ला कैपिटल फाइनेंस कंपनी के अधिकारी मौके पर पहुंचे और संबंधित दुकान को आधिकारिक रूप से सील कर दिया। अचानक हुई इस कार्रवाई से खरीदार को बड़ा झटका लगा। इसके बाद पता चला कि पूरी तक्षशिला क्रेस्ट परियोजना पर करोड़ों रुपए का ऋण लिया गया था और संबंधित दुकान भी उसी परियोजना ऋण के तहत वित्तीय संस्था के पास गिरवी रखी गई थी। आरोप है कि बिल्डर भाइयों ने ऋण और संपत्ति पर पहले से मौजूद वित्तीय बोझ की जानकारी खरीदार रिकीश मिस्त्री से जानबूझकर छिपाई थी।

खरीदार के पिता के नाम से कथित फर्जी अनापत्ति प्रमाणपत्र भी बनाया

मामले में एक और गंभीर आरोप सामने आया है। शिकायत के अनुसार, बिल्डरों ने बैंक अथवा वित्तीय संस्था से ऋण संबंधी प्रक्रिया और मंजूरी के लिए खरीदार के पिता के नाम से कथित तौर पर फर्जी अनापत्ति प्रमाणपत्र तैयार कर भेजा था। इस दस्तावेज के माध्यम से खरीदार को विश्वास में लिया गया और दुकान पर पहले से मौजूद ऋण तथा गिरवी रखे जाने की वास्तविक स्थिति छिपाई गई।

1.10 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी की शिकायत, पुलिस ने शुरू की जांच

अपने साथ 1.10 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी और विश्वासघात होने की जानकारी मिलने के बाद पीड़ित रिकीश मिस्त्री ने मणिनगर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने कमलेश गोंडलिया और राजेश गोंडलिया के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब पूरे लेन-देन, परियोजना पर लिए गए ऋण, दुकान को गिरवी रखने और कथित फर्जी अनापत्ति प्रमाणपत्र से जुड़े दस्तावेजों की जांच करेगी।

इस घटना के सामने आने के बाद अहमदाबाद के रियल एस्टेट कारोबार में हलचल मच गई है। संपत्ति खरीदने के दौरान पुराने ऋण, बैंक की बकाया राशि और संपत्ति पर मौजूद कानूनी अधिकारों की जांच की आवश्यकता को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। फिलहाल मामले में लगाए गए आरोपों की जांच पुलिस कर रही है।

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