अहमदाबाद। शहर में वाहन चालकों और आम नागरिकों की जेब पर अब अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ने वाला है। अहमदाबाद नगर निगम की नगर नियोजन समिति ने शहर की सभी निगम संचालित पार्किंग सुविधाओं में पार्किंग शुल्क बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। समिति से स्वीकृति मिलने के बाद अब यह प्रस्ताव अंतिम मंजूरी के लिए स्थायी समिति के समक्ष रखा जाएगा। स्थायी समिति की मंजूरी मिलते ही शहर में संशोधित पार्किंग दरें लागू कर दी जाएंगी।
नगर निगम के नए प्रस्ताव के अनुसार, वाहनों की संख्या और यातायात की भीड़ के आधार पर शहर को दो अलग-अलग क्षेत्रों में बांटकर पार्किंग शुल्क निर्धारित किया गया है। अधिक भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में अब वाहन खड़ा करना पहले के मुकाबले महंगा होगा। इन क्षेत्रों में दोपहिया वाहन के लिए प्रति घंटे 20 रुपए और चारपहिया वाहन के लिए प्रति घंटे 40 रुपए पार्किंग शुल्क निर्धारित किया गया है।
वहीं, कम भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में दोपहिया वाहन चालकों को प्रति घंटे 10 रुपए और चारपहिया वाहन चालकों को प्रति घंटे 20 रुपए चुकाने होंगे। इस तरह शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में वाहनों की आवाजाही और भीड़ के अनुसार पार्किंग शुल्क वसूलने की व्यवस्था की जाएगी।
बहुमंजिला पार्किंग में भी बढ़ेंगे शुल्क
शहर में यातायात की समस्या कम करने के उद्देश्य से बनाई गई बहुमंजिला पार्किंग सुविधाओं के शुल्क में भी बदलाव का प्रस्ताव रखा गया है। नए प्रस्ताव के अनुसार, बहुमंजिला पार्किंग में दोपहिया वाहनों के लिए प्रति घंटे 10 रुपए और चारपहिया वाहनों के लिए प्रति घंटे 20 रुपए शुल्क देना होगा।
वर्तमान में शहर की अधिकांश नगर निगम पार्किंग सुविधाओं में दोपहिया वाहनों के लिए 5 रुपए और चारपहिया वाहनों के लिए 15 रुपए प्रति घंटे का शुल्क लिया जाता है। नए प्रस्ताव के लागू होने के बाद पार्किंग शुल्क में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी।
महंगाई के बीच आम लोगों पर बढ़ेगा आर्थिक बोझ
नगर नियोजन समिति के इस फैसले से अहमदाबाद के वाहन चालकों पर सीधा आर्थिक बोझ बढ़ने की संभावना है। पहले से ही पेट्रोल-डीजल की कीमतों और महंगाई से परेशान नागरिकों को अब अपने वाहनों को सुरक्षित स्थान पर खड़ा करने के लिए भी अधिक पैसे खर्च करने होंगे।
नगर निगम इस फैसले को यातायात प्रबंधन और निगम की आय बढ़ाने के कदम के रूप में देख रहा है। हालांकि, पार्किंग शुल्क में प्रस्तावित बढ़ोतरी को लेकर शहरवासियों में नाराजगी और असंतोष देखने को मिल रहा है। फिलहाल प्रस्ताव को स्थायी समिति की अंतिम मंजूरी मिलना बाकी है, जिसके बाद ही नई दरें लागू होंगी।

