तांडलजा इलाके में आधा प्लॉट फ्री और आधा डिस्काउंट पर देने के फैसले से सियासत गरमा गई; वघानी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा, “जमीन नियमों के हिसाब से दी गई है।”
गांधीनगर/वडोदरा | भारतीय क्रिकेटर और पूर्व MP यूसुफ पठान को वडोदरा के तंडलजा इलाके में करोड़ों रुपये का कीमती प्लॉट देने के मामले पर गुजरात की सियासत इस समय खौलते हुए बर्तन की तरह हो गई है। इस गरमागरम विवाद के बीच अब गुजरात के कृषि मंत्री जीतू वघानी सामने आए हैं और उन्होंने सरकार का पक्ष रखते हुए साफ किया है कि प्लॉट पॉलिसी और नियमों के हिसाब से दिया गया था।
बुधवार को गांधीनगर में कैबिनेट मीटिंग के बाद पत्रकारों से बात करते हुए जीतू वघानी ने इस मामले में फैले विवाद पर आक्रामक रुख अपनाया। ₹20.53 करोड़ के प्लॉट का क्या खेल है?
मिली जानकारी के मुताबिक, यूसुफ पठान वडोदरा के तंदलजा इलाके में अपने बंगले के पास सरकारी प्लॉट लेने के लिए काफी समय से कोशिश कर रहे थे। पहले सरकार यह प्लॉट देने को बिल्कुल भी तैयार नहीं थी और प्रपोज़ल को पेंडिंग रखा गया था।
लेकिन अब अचानक सरकार ने बड़ा यू-टर्न लेते हुए यूसुफ पठान को करीब ₹20.53 करोड़ की मार्केट वैल्यू वाला यह 978 स्क्वायर मीटर का प्लॉट गिफ्ट करने और आधा प्लॉट डिस्काउंटेड कीमत पर देने की हरी झंडी दे दी है, जिससे सवालों का बवंडर खड़ा हो गया है।
“प्लॉट नियमों के हिसाब से दिया गया है”: जीतू वघानी
जब पत्रकारों ने कृषि मंत्री जीतू वघानी से पूछा कि क्या कांग्रेस इतना गंभीर आरोप लगा रही है कि यूसुफ पठान के केंद्र सरकार या सत्ता में आने के बाद ही राज्य सरकार ने रातों-रात अपना फैसला बदला और ज़मीन अलॉट की? इस सवाल के जवाब में जीतू वघानी ने गुस्से में कहा, “एडमिनिस्ट्रेटिव प्रोसेस के तहत रेवेन्यू प्लॉट नियमों के हिसाब से दिए जाते हैं। ये प्लॉट डिपार्टमेंट ने मौजूदा नियमों और पॉलिसी के हिसाब से ही दिए हैं।” कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार करते हुए वघानी ने कहा, “उन्हें (कांग्रेस को) पॉलिटिकल आरोप लगाने का पूरा हक है, इसलिए मुझे इस बारे में कुछ खास नहीं कहना है। लेकिन कांग्रेस यह बात पहले कहती तो बेहतर होता।” विरोधियों और जनता के उठाए सवाल सरकार भले ही इस पूरे मामले को एडमिनिस्ट्रेटिव प्रोसेस बताकर पल्ला झाड़ रही हो, लेकिन करोड़ों रुपये की कीमती सरकारी जमीन किसी प्राइवेट व्यक्ति को गिफ्ट या डिस्काउंटेड कीमत पर देने के फैसले के खिलाफ विपक्षी पार्टियों और जनता में काफी गुस्सा है। इस बात की भी तेज चर्चा है कि करोड़ों रुपये की इस प्रॉपर्टी डील में पॉलिटिकल कनेक्शन का रोल रहा है। इस बात की पूरी संभावना है कि यह प्लॉट विवाद आने वाले दिनों में गुजरात की पॉलिटिक्स में और भी बड़े धमाके करेगा।

